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कोरोना इफेक्ट : तेजी से घटे घरों के दाम, जल्द उठाएं फायदा

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नयी दिल्ली। एक ऐसे समय जब कोरोनावायरस महामारी ने पूरे देश में कारोबारी गतिविधियों को रोक दिया है, तब भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले एक दशक में पहली बार कीमतों में भारी गिरावट आने की संभावना है। इससे उन लोगों को फायदा मिल सकता है जो सीमित बजट के साथ घर खरीदना चाहते हैं। जानकार बताते हैं कि देश भर में प्रॉपर्टी की कीमतों में 10-20 फीसदी की कमी आ सकती है। जबकि जमीन की कीमतों में और भी अधिक 30 फीसदी की कमी देखी जा सकती है। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से इस तरह की गिरावट रियल एस्टेट सेक्टर में देखने को नहीं मिली है। हालांकि शैडो बैंकिंग और लोन संकट ने इस सेक्टर को प्रभावित किया, लेकिन फिर भी पिछले 10-12 सालों में अधिकतर बाजारों में कीमतें स्थिर ही रहीं।

पिछले एक साल में बदले हालात

पिछले एक साल में बदले हालात

एनबीएफसी सेक्टर में लिक्विडिटी संकट के कारण पिछले एक साल में काफी कुछ बदला रियल एस्टेट सेक्टर में बदला है। एनबीएफसी सेक्टर प्रॉपर्टी डेवलपर्स और खरीदार दोनों को बड़े पैमाने पर उधार देता है, मगर इसी सेक्टर के संकट में आने से रियल एस्टेट प्रभावित हुआ। नतीजा ये हुआ कि रियल एस्टेट डेवलपर्स को खरीदारों को छूट देने पर मजबूर होना पड़ा। अब कोरोना जैसा बड़ा संकट सामने आया है जिससे खरीदारों को प्रॉपर्टी रेट में और अधिक कटौती देखने को मिल सकती है। ऑनलाइन रियल एस्टेट पोर्टल PropTiger की एक रिपोर्ट के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर की स्थिति काफी खस्ता है। सेक्टर में 4-5 सालों का स्टॉक अभी भी बाकी है।

बैंकों के लिए चिंता की बात
 

बैंकों के लिए चिंता की बात

देश के नौ शीर्ष हाउसिंग बाजारों में बिकने वाली तैयार इकाइयों की कीमत लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की है। इसके अलावा यदि डेवलपर्स अपनी इन्वेंट्री को समाप्त करने में विफल रहते हैं तो बैंकों को इस सेक्टर से बैड लोन का सामना करना पड़ सकता है, जो उनके लिए चिंता का विषय होगा। भले ही सरकार ने इस क्षेत्र में दबाव को कम करने के लिए पिछली कुछ तिमाहियों में अपना समर्थन बढ़ाया है, लेकिन कुछ परियोजनाओं को अभी भी खरीदारों या पैसे की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कोरोनावायरस बना रियल एस्टेट के लिए मुसीबत

कोरोनावायरस बना रियल एस्टेट के लिए मुसीबत

कोरोनावायरस रियल एस्टेट सेक्टर के लिए मुश्किल बन गया है। 21 दिनों के लॉकडाउन के बावजूद देश भर में कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अधिकांश डेवलपर्स को मुनाफे के मामले में पहली ही झटका लगा है और सिस्टम में कोई खास लाभ नहीं बचा है। हर कोई बस अपने नकदी प्रवाह को बनाए रखकर बचे रहने की कोशिश कर रहा है। जानकार कहते हैं कि मौजूदा स्थिति कारोबारी और आवासीय दोनों खंडों को प्रभावित करेगी।

 

कोरोनावायरस : घर बैठे मिल जाएगा कैश, एटीएम जाने की जरूरत नहीं

English summary

Corona Effect Rapidly reduced house prices benefit quickly

Experts say that there may be a 10-20% reduction in property prices across the country. While a further 30 per cent reduction in land prices can be seen.
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