भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। कोरोना के कारण दुनिया में सबसे बड़ी मंदी आने वाली है, जो कि खतरे की घंटी है।
नई दिल्ली: भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। कोरोना के कारण दुनिया में सबसे बड़ी मंदी आने वाली है, जो कि खतरे की घंटी है। ऐसे में कई कंपनियों ने अपने यहां छंटनी शुरू कर दी है। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की है। इसी कड़ी में कोरोना संकट के चलते टाटा ग्रुप के इतिहास में यह पहला मौका है, जब टाटा संस के चेयरमैन और समूह की सभी कंपनियों के सीईओ ने सैलरी में कटौती का फैसला लिया है।

जी हां टाटा समूह अपने इतिहास में पहली बार टाटा संस के चेयरमैन तथा सहायक कंपनियों के तमाम सीईओ के वेतन में लगभग 20% की कटौती कर रही है। कोरोना वायरस महामारी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी ये कदम उठा रही है। ग्रुप की सबसे अहम और सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने सबसे पहले अपने सीईओ राजेश गोपीनाथन की सैलरी में कटौती का ऐलान किया। वहीं, इंडिया होटल्स पहले ही कह चुकी है कि उसका वरिष्ठ नेतृत्व इस तिमाही में अपनी सैलरी का एक हिस्सा कंपनी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए देगा।
टाटा ग्रुप के अन्य सीईओ भी लेंगे कम सैलरी
टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, ट्रेंट, टाटा इंटरनैशनल, टाटा कैपिटल तथा वोल्टास के सीईओ तथा एमडी भी कम सैलरी लेंगे। इतना ही नहीं कंपनी के इस कदम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष के बोनस में भी कटौती होगी। मिली जानकारी के मुताबिक टाटा समूह के इतिहास में ऐसा समय कभी नहीं आया और इस वक्त कारोबार को बचाने के लिए कुछ कठिन फैसले करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए हम सभी कदम सहानुभूति के साथ उठाएंगे। टाटा समूह की संस्कृति रही है कि जहां तक संभव हो सके, कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि कोरोना के संकट में सभी कंपनियां अपनी एचआर पॉलिसी को देखेंगी और उसके मुताबिक रेवेन्यू और कैश फ्लो मैनेजमेंट की प्लानिंग करेंगी। उन्होंने कहा था कि हर कंपनी कारोबार की स्थिरता और ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए फैसले लेगी। हालांकि समूह की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस ने पिछले दिनों कहा था कि उसकी ओर से किसी भी कर्मचारी की सैलरी में कटौती नहीं होगी और जिन लोगों को नए जॉब ऑफर दिए गए हैं, उनका सम्मान किया जाएगा। गौरतलब है कि टाटा ग्रुप की उन कंपनियों को ज्यादा संकट का सामना करना पड़ रहा है, जो हॉस्पिटैलिटी, होटल एवं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़ी हैं।
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