नयी दिल्ली। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने बीमा कंपनियों को किश्तों में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम जमा करने की अनुमति दी है। बीमा रेगुलेटर ने कहा है कि कोरोना के प्रकोप के कारण मौजूदा स्थिति के मद्देनजर और प्रीमियम भुगतान को आसान बनाने की जरूरत को देखते हुए सभी बीमा कंपनियों को स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम जमा किश्तों में जमा करने की अनुमति है। यानी अब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम किश्तों में चुका सकते हैं। बीमा कंपनियों के पास सभी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के संबंध में 12 महीने (एक पॉलिसी वर्ष) के लिए अस्थायी या स्थायी देने का ऑप्शन होगा। ये राहत उन बीमा पॉलिसियों पर मिलेगी जिनका रिन्यूअल 31 मार्च तक होना था।
पिछले साल ही हो गया था ऐलान
वैसे बता दें कि आईआरडीएआई ने इस सुविधा की घोषणा पिछले साल सितंबर में ही कर दी थी। इसने किश्त भुगतान सुविधा देने वाले बीमाकर्ताओं को ये सुनिश्चित करने का भी दिया था कि इससे बुनियादी प्रीमियम टेबल में कोई बदलाव न हो। यानी बीमा ग्राहकों पर किसी तरह का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। भुगतान के लिए शामिल किया जाने वाला मोड मासिक, तिमाही या छमाही आधारित हो सकता है, लेकिन प्रीमियम का भुगतान लगातार होना चाहिए। आईआरडीएआई का नये बयान से ये बीमकर्ताओं पर आधारित है कि वे किन बीमा उत्पादों के लिए इस सुविधा को शुरू करते हैं। मगर उन्हें आईआरडीएआई की तरफ से पिछले साल सितंबर में जारी किए गए दिशानिर्देश का पालन करना होगा।
वेबसाइट पर देंगी जानकारी
आईआरडीएआई ने कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर किश्तों में प्रीमियम चुकाने की सुविधा की जानकारी देने को कहा है। कंपनियां जिन प्रोडक्ट्स यानी पॉलिसियों के लिए इस सुविधा की शुरुआत करेंगी उनकी और संबंधित जानकारी के साथ नियम भी बताए जाएंगे। आईआरडीएआई ने साफ किया है कि इस सुविधा की शर्तों से सहमत होने के लिए पॉलिसीधारकों से अलग से सहमति ली जाएगी। पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के हेल्थ बिजनेस प्रमुख अमित छाबड़ा के अनुसार बीमा कंपनियों को आईआरडीएआई के नए निर्देश से ग्राहकों को फायदा मिलेगा।
इन कंपनियों का कारोबार घटा
बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों में डिजिटल बीमा कंपनियों की सेल्स बढ़ी है, मगर एजेंट्स के जरिये पॉलिसी बेचने वाली ऑफलाइन कंपनियों का कारोबार घटा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन के कारण स्टार एलाइड हेल्थ ऐंड इंश्योरेंस की मार्च बीमा पॉलिसी बिक्री में पिछले साल मार्च के मुकाबले 50 फीसदी की गिरावट आई है। एचडीएफसी एर्गो हेल्थ इंश्योरेंस, रेलीगेयर, मैक्स बूपा, एचडीएफसी लाइफ, मैक्स लाइफ और टाटा एआईए जैसी बीमा कंपनियां टेली-मेडिकल सर्विसेज को बढ़ाने के लिए पॉलिसीबाजार के साथ काम कर रही हैं।
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