नयी दिल्ली। नकदी के जरिये कोरोनावायरस फैल सकता है। इसलिए बैंकों और आरबीआई से तरफ से लोगों से डिजिटल पेमेंट में लेन-देन करने की अपील की गयी है। इस बीच देश के सबसे बड़े बैंक ने एक अनोखा उपाय सुझाया है। एसबीआई रिसर्च ने सरकार को कागज के नोटों के बयाज पॉलिमर मुद्रा नोटों का उपयोग करने का शुझाव दिया है। एसबीआई ने कहा है कि पॉलिमर नोटों के उपयोग की संभावना की जांच होनी चाहिए। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूके में पॉलिमर के नोट ही चलते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस करंसी नोटों से फैल सकता है। इसलिए, लेन-देन के लिए डिजिटल माध्यम अपनाना बेहतर है। लेकिन भारत जैसे बड़े देश में कैश को पूरी तरह से बाहर करना संभव नहीं है। इसलिए कागजी मुद्रा नोटों के बजाय अधिक सुरक्षित विकल्प की आवश्यकता है।
नकद उपयोग से बचा नहीं जा सकता
17 मार्च 2020 को जारी की गयी अपनी Ecowrap रिपोर्ट में एसबीआई रिसर्च ने कहा है कि भले ही कोरोनावायरस के मामले में सावधानी बरती जाए, फिर भी नकदी के उपयोग से बचा नहीं जा सकता है और इस तरह यह किसी भी वायरस को फैलाने के लिए सबसे आसान वाहक बन सकता है। इसलिए एसबीआई का कहना है कि करेंसी नोटों के जरिए किसी भी वायरस के फैलने की जांच के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। यूके, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने नकदी के जरिये कोई भी इंफेक्शन फैलने के जोखिम को कम करने के लिए पॉलिमर नोटों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इसलिए भारत में पॉलिमर नोटों के उपयोग की संभावनाओं की भी जांच की जानी चाहिए।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जाना जरूरी
हालांकि डिजिटल भुगतान सहित वैकल्पिक भुगतान के तरीकों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट ने मुद्रा नोटों और सूक्ष्मजीवों के संबंध को दर्शाने वाली कई शोध रिपोर्टों का हवाला दिया। एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की एक रिपोर्ट ने संकेत दिया था कि मुद्रा नोट सूक्ष्म जीवों से भर होते हैं जो बीमारियों और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसलिए डिजिटल पेमेंट को आगे बढ़ाना सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।
करेंसी नोटों के जरिये होने वाली बीमारियां
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुद्रा नोटों के जरिये मूत्र और श्वसन पथ संक्रमण, स्किन इंफेक्शन और रिकरेंट मैनिंजाइटिस सहित कई बीमारियां हो सकती हैं। ये सेप्टिसीमिया और टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम पैदा करने में भी योगदान कर सकते हैं। चूंकि कोरोनवायरस एक संक्रामक बीमारी है, जो किसी संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। ऐेसे में मुद्रा नोट संक्रमण और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। भारत में कोरोनावायरस से संक्रमित होने वालों की तादाद 325 का आंकड़ा पार कर चुकी है।
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