
UP: राज्य में अब उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के द्वारा सेवाओं के वितरण में अगर किसी प्रकार की चूक होती है, तो फिर बिजली उपभोक्ता कानूनी रूप से मुआवजे का दावा कर सकेंगे।
3 वर्ष से भी ज्यादा वक्त पहले यूपीपीसीएल ने यूपी विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) के द्वारा इस संबंध में बनाएं गए कानून को लागू किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूपीईआरसी के एक अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एम. देवराज की तरफ से यूपीईआरसी को सूचित किया गया है कि निगम ने पूरे उत्तर प्रदेश को एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिए मुआवजा कानून लागू किया है।
इस संबंध में यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एम. देवराज के द्वारा जारी आदेश के मुताबिक निर्धारित वक्त के अंदर शिकायत का समाधान नहीं होने की स्थिति में उपभोक्ता सेवा में चूक की शिकायत के साथ साथ निगम के 1912 टोल फ्री नंबर पर अपना मुआवजा का दावा दर्ज करा सकता हैं।
यूपीपीसीएल प्रमुख की तरफ से कहा गया है कि संबंधित उपभोक्ता को एक अलग से मुआवजा की संख्या दर्ज की जाएगी। इतना ही नहीं दावा भी ऑनलाइन संसाधित किया जाएगा।
जब शिकायत दर्ज की जाती है। इसके दर्ज किया जाने के 60 दिनों के भीतर सभी पत्र शिकायतकर्ताओं को मुआवजा दिया जाता है। उपभोक्ताओं के द्वारा दावा की गई मुआवजे की राशि अलग अलग सेवा चूकों के लिए अलग अलग होगी।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा की तरफ से कहा गया है कि कानून के लागू होने से उपभोक्ताओं को समय बद्ध सेवाएं प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा की तरफ से कहा गया है कि हम काफी अधिक वक्त से डिस्कॉम द्वारा मुआवजा कानून को लागू करने के लिए मांग कर रहे थें।


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