नेपाल में संघर्ष! भारत के पड़ोसी देशों में एक-एक कर गिरी सरकारें, पाकिस्तान से काठमांडू तक क्यों हुए तख्तापलट?

Nepal Crisis; Coup In India's Neighbouring Countries: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया बैन को लेकर मचे बवाल के बीच अब तख्तापलट हो गया है और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत कई सांसदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नेपाल में इस वक्त Gen-Z का सोशल मीडिया बैन को लेकर हिंसक प्रदर्शन जारी है।

इस व्यापक प्रदर्शन के बीच भले ही नेपाल सोशल मीडिया पर लगे बैन को हटा लिया गया है लेकिन फिर भी हालात काबू में आने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। देश की राजधानी काठमांडू से लेकर तमाम शहरों में Gen-Z का हिसंक प्रदर्शन चल रहा है।

Crisis In Nepal

ऐसे में देखें तो नेपाल में हिंसक प्रदर्शन भारत के पड़ोसी देशों में अस्थिरता के क्रम में ताजा उदाहरण है। इससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका में भी तख्ता पलट हो चुका है। पिछले कुछ सालों में भारत के पड़ोसी देशों में कहीं सत्ता का दुरुपयोग, कहीं आर्थिक संकट तो कहीं लोकतंत्र पर हमला के बहाने विरोध-प्रदर्शन और तख्तापलट की यह लहर बार-बार देखने को मिली है। तो आइए जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर भारत के पड़ोसी देशों में एक-एक कर क्यों सरकारें गिरती चली गई हैं।

पाकिस्तान में गिरी इमरान खान सरकार

भारत के पड़ोसी और दुश्मन देश पाकिस्तान में 2023 में एक बड़े आंदोलन के साथ तख्तापलट हुआ। तब इमरान खान के नेतृत्व में चलने वाली सरकार को गिरा दिया गया और फिलहाल इमरान खान जेल में हैं। इमरान खान को मई 2023 में तोशाखान मामले में गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद देशभर में हिसंक प्रदर्शन हुए थे। पाकिस्तान में तब खुलेआम सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया था और लोगों ने अपना गुस्सा दिखाया था। इस प्रदर्शन में 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

आर्थिक संकट के चलते श्रीलंका में गिरी सरकार

पाकिस्तान से पहले भारत के पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में आर्थिक संकट के चलते सरकार गिर गई थी। 2022 में श्रीलंका में आर्थिक संकट से परेशान जनता मे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। बिजली कटौती, महंगाई और ईंधन की कीमतों ने विरोध की चिंगारी को भड़का दिया। लोगों ने हिंसक प्रदर्शन करते हुए कोलंबो स्थित राष्ट्रपति भवन में घुस गए थे। इसके बाद तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को देश छोड़कर भागना पड़ा था। वहीं, वहीं श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और पीएम रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी फंड के दुरुपयोग के लिए जेल में डाल दिया गया है। इस आंदोलन को 'अरगलाया आंदोलन' के नाम से जाना गया और इसने श्रीलंका की राजनीति की तस्वीर ही बदल दी।

बांग्लादेश में सत्ता संघर्ष के साथ गिरी हसीना की सरकार

भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में मई 2024 में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला और प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा। राजधानी ढाका समेत कई शहरों में शेख हसीना सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए थे। इस प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में हिन्दुओं को निशाना बनाया गया था। प्रदर्शनकारी अवामी लीग और उसकी छात्र इकाई पर लंबे समय तक विपक्ष को दबाने का आरोप लगाकर सड़कों पर उतरे थे। फिलहाल शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं।

म्यांमार में तख्तापलट के साथ सैन्य शासन बहाल

भारत के उत्तर-पूर्व से सटा देश म्यामांर में भी फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट हो चुका है और आज भी वहां सेना का शासन है। सेना से पहले सत्ता पर काबिज नेता आंग सान सू को जेल में डाल दिया गया है। छात्र, नागरिक समूह और भिक्षु सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की बहाली की मांग कर रहे हैं।

अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा

भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान से अमेरीकी सेना के निकलते ही देश की सत्ता पर फिर से तालिबान का कब्जा हो गया। अगस्त 2021 में अमेरिका की सेना हटने के बाद अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा कर लिया। साल 2021 में अमेरिका ने करीब 20 साल के बाद देश से अपनी सेना को वापस बुला लिया था। राजधानी काबुल में तालिबान के कब्जा होने पर राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे।

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