नई दिल्ली। जब से मोदी सरकार ने पीएफ में स्वैच्छिक भविष्य निधि (वीपीएफ) को टैक्स के दायरे में किया है, लोगों के मन में कई सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अगर आपके मन भी इससे जुड़े हुए सवाल हैं, तो यहां पर हम उनका उत्तर देने की कोशिश कर रहे हैं। आमतौर पर वीपीएफ से जुड़े 7 सवाल लोगों की तरफ से ज्यादा किए जाते हैं। हम उन्हीं 7 सवालों का उत्तर आपको यहां देने जा रहे हैं।
पहला सवाल : कर्मचारी वीपीएफ में अपने बेसिक का कितने प्रतिशत तक निवेश कर सकता है।
उत्तर : कोई भी कर्मचारी अपनी अधिकतम पीएफ सीलिंग लिमिट का 88 प्रतिशत तक वीपीएफ के तहत निवेश कर सकता है। हालांकि इसमें 13,200 रुपये की अधिकतम की सीमा लागू होती है।
जानिए वीपीएफ से जुड़े जरूरी सवालों के उत्तर
दूसरा सवाल : क्या वीपीएफ योगदान के लिए न्यूनतम निवेश की सीमा होती है?
उत्तर : नहीं, भविष्य निधि आयोग की तरफ से परिभाषित कोई न्यूनतम सीमा तय नहीं की गई है।
तीसरा सवाल : यदि कर्मचारी वीपीएफ के तहत कटौती करवाता है, तो क्या 80सी के तहत इस पर यह टैक्स फ्री होता है।
उत्तर : हां, वीपीएफ के लिए योगदान की गई राशि को आईटी अधिनियम 1972 के 80सी के तहत कर बचत लाभ के रूप में माना जाएगा। हालांकि यह टैक्स छूट 1.5 लाख रुपये तक अधिकतम निवेश तक की मिलेगी।
जानिए वीपीएफ से जुड़े जरूरी सवालों के उत्तर
चौथा सवाल : यदि कोई कर्मचारी इस्तीफा देता है तो वहअपना पीएफ का पैसा 60 दिनों के बाद निकाल सकता है, क्या यही नियम वीपीएफ कटौती पर भी लागू होता है। इसके अलावा क्या पीएफ और वीपीएफ का पैसा एक साथ निकाला जा सकता है।
उत्तर : पीएफ और वीपीएफ दोनों को फॉर्म -19 और फार्म-10 सी का एक साथ उपयोग करके निकाला जा सकता है।
पांचवां सवाल : जब पीएफ में तीन साल तक कोई कंट्रीब्यूशन न किया जाए, तो भी ऐसे फंड पर 3 साल तक ब्याज मिलता रहता है। क्या वीपीएफ पर यही नियम लागू होता है।
उत्तर : पीएफ और वीपीएफ के लिए नियम एक समान हैं। अगर पीएफ फंड में 3 साल तक कोई योगदान नहीं किया जाता है, तो उस पर 3 साल के बाद ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि 3 साल तक प्रचलित पीएफ ब्याज दर के हिसाब से ब्याज मिलता रहता है।
जानिए वीपीएफ से जुड़े जरूरी सवालों के उत्तर
छठवां सवाल : कर्मचारी के वीपीएफ योगदान शुरू करने के बाद, क्या उसी संगठन के साथ काम करते हुए इस योगदान को रोक सकता है।
उत्तर : हां, लेकिन केवल तभी प्रभावी होगा जब नया पीएफ वित्तीय वर्ष शुरू होगा। पीएफ वित्तीय वर्ष मार्च से फरवरी तक होता है। वर्ष के मध्य में पीएफ योगदान में बदलाव की अनुमति नहीं होती है।
सातवां सवाल : क्या कर्मचारी के पास केवल वीपीएफ अंशदान निकालने का और पीएफ को नहीं छूने का विकल्प होता है?
उत्तर : नहीं ऐसा नहीं होता है। आप अपने पूरे फंड में नियम के अनुसार ही निकासी कर सकते हैं।
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