मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के बैंकिंग लोकपाल कार्यालयों में बैंक ग्राहकों की शिकायतों का अंबार लगता जा रहा है। वर्ष 2018-19 के दौरान देशभर के बैंकिंग लोकपाल कार्यालयों में शिकायतों की संख्या में करीब 20 फीसदी की बढ़त के साथ 1.95 लाख हो गई है। इन शिकायतों में एटीएम और डेबिट कार्ड से संबंधित शिकायतों में 50 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है। वहीं मोबाइल बैंकिंग से संबंधित शिकायतों की संख्या में करीब 75 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। यह जानकारी आरबीआई की वार्षिक लोकपाल रिपोर्ट में सामने आई है।
ये हैं शिकायतों से संबंधित आंकड़े
देशभर के बैंकिंग लोकपाल कार्यालयों में एटीएम और डेबिट कार्ड से संबंधित 36,539 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। यह कुल शिकायतों की करीब 18.65 फीसदी हैं। वहीं देशभर के बैंकिंग लोकपाल कार्यालयों में मोबाइल बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से जुड़ी हुई 14,794 मिली हैं।
शिकायतों के निस्तारण में आया धीमापन
वहीं बैंकिंग लोकपाल कार्यालयों में आई शिकायतों के निस्तारण में धीमापन आया है। जहां वर्ष 2017-18 में 96.46 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हआ था, वहीं 2018-19 में निस्तरण की यह दर घटकर 94.03 प्रतिशत रह गई है। आरबीआई ने रिपोर्ट में कहा है कि यह धीमापन शिकायतों की बढ़ती संख्या के कारण है। वहीं हर शिकायत को संभालने की औसत लागत 2017-18 में 3,504 रुपये से घटकर 2018-19 में 3,145 रुपये पर आ गई है।
गलत शिकायतों की संख्या के चलते है दिक्कत
आरबीआई के रिकॉर्ड के अनुसार जितनी भी शिकायतें मिली हैं, उनमें से कई ठीक भी नहीं पाई गईं। हालांकि वर्ष 2017-18 में इन शिकायतों का प्रतिशत जहां 22.10 था वहीं यह 2018-19 में घटकर 19.17 प्रतिशत रह गया।
पेंशन संबंधी शिकायतों में आई कमी
पेंशन संबंधित शिकायतें, बिना नोटिस दिए शुल्क वसूलना, क्रेडिट कार्ड से संबंधित मुद्दे और पैसों के ट्रांसफर से संबंधित शिकायतों में वर्ष 2017-18 में कमी आई है। हालांकि मिस-सेलिंग से संबंधित शिकायतों की संख्या 2017-18 में 579 शिकायतों से बढ़कर 2018-19 में 1,115 हो गई है। इस प्रकार इन शिकायतों में 92.57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।


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