चीन से निकलने वाली कंपनियां नहीं आ रही भारत, जानिए किसकी है नाकामी

नयी दिल्ली। पहले इस बात पर चर्चाएं हो रही थीं, मगर अब ऐसी रिपोर्ट आने लगी हैं कि चीन में काम कर रही कंपनियां वहां से शिफ्ट कर दूसरे देशों का रुख कर रही हैं। इसके पीछे सिर्फ कोरोनावायरस ही नहीं है, बल्कि अमेरिका के साथ चीन का ट्रेड वॉर भी बड़ा कारण है। हांगकांग स्थित क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन निरीक्षण कंपनी Qima के अनुसार दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया में उत्तरी अमेरिकी और यूरोपीय खरीदारों द्वारा निरीक्षण और ऑडिट की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। इस तरह के निरीक्षण और ऑडिट रिपोर्ट का इस्तेमाल कंपनियां नए क्षेत्रों में शिफ्ट करने के लिए इस्तेमाल करती हैं। Qima के मुताबिक दक्षिण-पूर्व एशिया (खास कर वियतनाम, म्यांमार और फिलीपींस) के लिए मांग में 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं दक्षिण एशिया में 52 प्रतिशत मांग देखी गई है, जहां बांग्लादेश टेक्सटाइल और परिधान ब्रांडों के लिए मुख्य जगह है। ये बढ़ोतरी जनवरी और फरवरी के दौरान देखी गई, जब चीन में कोरोनावायरस लॉकडाउन था।

कैसे हैं लॉकडाउन और उसके बाद हालात

कैसे हैं लॉकडाउन और उसके बाद हालात

मार्च में चीन में लॉकडाउन खत्म होना शुरू हुआ। इससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग में तेजी दिखी। चीन के लिए निरीणक्ष और ऑडिट वॉल्यूम 2019 के स्तर पर पहुंच गए। मगर 23 मार्च के हफ्ते में इस वॉल्यूम में 19 फीसदी की गिरावट आई। Qima के एक पोल के अनुसार, जो ग्लोबल सप्लाई चेन के साथ 200 से ज्यादा व्यवसायों के बीच किया गया, 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कोरोनोवायरस महामारी वैश्विक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। 50 प्रतिशत से अधिक ने कहा कि वे उन क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं जो अप्रभावित रहे हैं।

भारत के लिए खास अवसर

भारत के लिए खास अवसर

चीन से बाहर निकल कर दूसरे देशों में जाने वाली कंपनियों ने भारत की उम्मीद बढ़ा दी। भारत में उम्मीद बंधी कि कारोबारी नीतियों और ओपन मार्कट के चलते कंपनियां यहां आने के लिए आकर्षित होंगी। भारत ने इसके लिए तैयारियां भी कीं। करीब 1000 अमेरिकी कंपनियों से संपर्क भी किया गया कि वे चीन से भारत आ जाएं। यूपी जैसे राज्यों ने कंपनियों को आकर्षित करने के लिए टास्क फोर्स भी बनाईं। मगर जो कंपिनयां चीन से निकल रही हैं वे भारत नहीं आ रही हैं। नोमुरा की एक रिपोर्ट के अनुसार 56 कंपनियां जो 2018-19 में चीन में मौजूद थीं उनमें से 26 वियतनाम गई हैं, जबकि 8 ताइवान और इतनी ही थाईलैंड गई हैं। भारत में ऐसी सिर्फ 3 कंपनियां आई हैं।

क्या है कंपनियों के भारत न आने का कारण

क्या है कंपनियों के भारत न आने का कारण

वियतनाम की आबादी 10 करोड़ है और वहां कोरोना के सिर्फ 327 मामले आए हैं, जिनमें एक भी मौत का केस नहीं है। जबकि भारत के सिर्फ एक राज्य पश्चिम बंगाल, जिसकी आबादी वियतनाम से तुल्नातमक है, में 8600 से अधिक मामले और 400 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। Qima की रिपोर्ट बताती है कि कंपनियां "सुरक्षित" क्षेत्रों का रुख कर रही हैं। यह बताता है कि भारत उन कंपनियों के लिए पसंदीदा स्थान क्यों नहीं है जो वास्तव में शिफ्ट कर रही हैं या जिनकी चीन से बाहर जाने की योजना है। भारत को चीन का करीबी प्रतिद्वंद्वी माना जाता है ऐसे में भारत का बड़ा बाजार उनके लिए एकमात्र फैक्टर नहीं है, बल्कि सुरक्षा की गारंटी भी जरूरी है।

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