Gas Cylinder Price Today: मार्च के पहले ही दिन महंगाई का झटका लगा है। आज से गैस का सिलेंडर महंगा हो गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इकसे बाद दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर जहां 25.50 रुपये महंगा हुआ है तो मुंबई में कमर्शियल गैस सिलेंडर 26 रुपये महंगा हो गया है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लगातार दूसरे महीने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। वहीं घरों में इस्तेमाल होने वाले 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दाम बढ़ने के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 1,795 रुपये हो गया है। अभी तक यह 1,769.50 रुपये में मिल रहा था। इस प्रकार से दिल्ली में कीमतों में 25.50 रुपये की तेजी आई है। वहीं मुंबई में 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब 1723.50 रुपये से बढ़कर 1749 रुपये हो गए हैं। इसके अलावा कोलकाता में अब यह सिलेंडर 1911 रुपये में मिलेगा। इससे पहले यह 1887 रुपये में मिल रहा था। इसके अलावा चन्नई में कमर्शियल सिलेंडर 1937 रुपये से बढ़कर 1960.50 रुपये हो गया है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ने के बाद आज रेट
- दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1795 रुपये
- कोलकता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1911 रुपये
- मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,749 रुपये
- चेन्नई में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,960.50 रुपये
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कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर में होता है अंतर
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे हैं। इसमें और घरेलू गैस सिलेंडर में बड़ा अंतर होता है। जहां तक घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल की बात है तो यह घर में खाना बनाने के लिए इस्तेमामल होता है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों में होता है। इसका मतलब है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्तरां और दुकानों में होता है। घरेलू गैस सिलेंडर लाल रंग का होता है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर नीले रंग का होता है।
घरेलू सिलेंडर और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में सब्सिडी का अंतर
घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी होती है, जबकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं होती है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी का मकसद गरीबी रेखा से नीचे और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत के तौर पर सुविधा उपलब्ध कराया जाता है। सब्सिडी की राशि प्रति सिलेंडर अलग-अलग होती है और यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों पर निर्भर करती है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी नहीं दी जाती है, क्योंकि यह माना जाता है कि उद्योग एलपीजी की पूरी लागत का वहन करने में सक्षम हैं।


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