Cochin Shipyard Stock Price: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही डिफेंस कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। डिफेंस कंपनी कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयरों में लगातार छह सेशन से तेजी देखने को मिल रही है। आज शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी के शेयर्स 12.29% उछल गए हैं। कंपनी का शेयर प्राइस 2035 रुपये पर है।

3 महीनों में कंपनी के शेयर्स ने दिया 64% का रिटर्न
पिछले 1 महीने में कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयरों ने 40.11% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है और 3 महीनों में 64% का तगड़ा रिटर्न दिया है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस डिफेंस कंपनी के शेयर में गिरावट का अनुमान जताया है।
ब्रोकरेज फर्म ने बताया 60% तक गिर सकते हैं शेयर्स (Cochin Shipyard Stock Price News)
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने जानकारी दी है कि आज 16 मई को जानकारी देकर बताया है कि कंपनी के शेयर मौजूदा स्तरों से करीब 60% तक गिर सकते हैं। पिछले छह ट्रेडिंग सेशन में कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में 35% की तेजी आई है। ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे उम्मीदों के अनुसार ही रहे है।
हालांकि, मार्जिन परफॉर्मेंस अनुमान से कमजोर रहे है। कोटक ने अपनी रिपोर्ट में ये भी लिखा कि ज्यादा प्रोविजन्स की वजह से इन नतीजों में कमजोरी रही जिसे अधिक अन्य इनकम (higher other income) ने बैलेंस किया है।
कंपनी ने बताई ये वजह
कोटक ने ये भी बताया कि इस साल अब तक कोचिन शिपयार्ड के परफॉर्मेंस में INS विक्रांत और विक्रमादित्य के रिपेयर ऑर्डर अहम रहे हैं। लेकिन ब्रोकरेज का कहना है कि ये कॉन्ट्रैक्ट्स "वन-टाइम" नेचर के हैं और नेवल ऑर्डर्स कम होना, एक बड़ी चिंता है। कोटक का मानना है कि कोचिन शिपयार्ड के लिए कोरियाई शिपबिल्डर्स, Maersk या Drydocks World के साथ किसी भी संभावित साझेदारी (tie-up) से स्टॉक को अगला बड़ा सपोर्ट मिल सकता है।
ब्रोकरेज ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए यह भी बताया है कि भारतीय नौसेना ने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर को एक साथ ऑपरेट करने की प्लानिंग को टाल दिया है। अब फोकस INS विक्रमादित्य का दूसरे स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर के डेवलपमेंट पर है।
ये है टारगेट प्राइस
कोटक ने ये भी जानकारी दी है कि पिछले दो सालों में कोचिन शिपयार्ड को कोई बड़ा डिफेंस ऑर्डर नहीं मिला है। कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो ज्यादातर छोटे कमर्शियल शिपिंग और डिफेंस रिपेयर ऑर्डर्स से आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज ने FY 2026 और FY2027 में अर्निंग एस्टीमेट में 3% और 6% की कटौती की है। इसमें डिफेंस ऑर्डर्स की कमी के चलते शिपबिल्डिंग रेवेन्यू में होने वाली गिरावट को भी शामिल किया है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कोचिन शिपयार्ड के लिए अपना टारगेट प्राइस ₹830 से बढ़ाकर ₹850 कर दिया है। हालांकि, यह रिवाइज्ड टारगेट मौजूदा लेवल से करीब 60% की गिरावट का संकेत देता है। कोचिन शिपयार्ड पर कवरेज करने वाले कुल पांच एनालिस्ट्स में से तीन ने स्टॉक पर "BUY" रेटिंग दी है, जबकि एक-एक एनालिस्ट ने Hold और Sell रेटिंग दी है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)


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