नयी दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम इस समय रिकॉर्ड स्तरों के करीब हैं। इस बीच आम जनता के लिए एक और बुरी खबर आई है। बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच सीएनजी भी महंगी हो गई है। सरकारी गैस कंपनी महानगर गैस ने सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। लगातार दो महीने से महंगे होते गैस सिलेंडर और रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच चुके पेट्रोल-डीजल के दामों के बाद सीएनजी की कीमतों में ये बढ़ोतरी आम जनता के लिए झटका है। आइए जानते हैं कितनी महंगी हो गई है सीएनजी।
इतनी महंगी हो गई सीएनजी
महानगर गैस की तरफ से जारी किए गए एक बयान के अनुसार महामारी के कारण कम बिक्री के चलते लागत को रिकवर करने और डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये की वजह से गैस की उच्च लैंडिंग लागत के कारण शनिवार से सीएनजी की कीमतों में 1 रु प्रति किलो का इजाफा किया गया है। सीएनजी के दाम बढ़ाने के पीछे महानगर गैस ने अपनी विवशता भी जाहिर की है। कंपनी के अनुसार कीमतें बढ़ने के बाद मुंबई में ईंधन का संशोधित बिक्री मूल्य 48.95 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। हालांकि इस संशोधन के बाद भी मौजूदा मूल्य स्तरों पर सीएनजी पेट्रोल और डीजल की तुलना में क्रमशः लगभग 60 प्रतिशत और 39 प्रतिशत की बचत कराती है।
पेट्रोल के मुकाबले सीएनजी के दाम
पेट्रोल और डीजल की सीएनजी से तुलना करें तो मुंबई में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 87.19 रुपये प्रति लीटर थी, जबकि डीजल की कीमत 79.97 रुपये थी। वहीं सीएनजी के दाम 48.95 रुपये प्रति किलोग्राम रहे। आज भी मुंबई में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 87.19 रुपये ही है। जबकि डीजल का रेट 80.11 रुपये प्रति लीटर पर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां दैनिक आधार पर संशोधित करती हैं। फिलहाल इन दोनों ईंधनों की मौजूदा बढ़ोतरी के पीछे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा टैक्स में बढ़ोतरी है, क्योंकि कच्चे तेल के दाम पिछले कुछ महीनों में काफी कम हुए हैं।
इस राज्य सरकार ने बढ़ाया टैक्स
पेट्रोल और डीजल में टैक्स बढ़ोतरी का ताजा मामला आंध्र प्रदेश सरकार का है। हाल ही में 20 जुलाई को आंध्र प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व हासिल करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर वैट (मूल्य वर्धित कर) बढ़ा दिया। कोरोनवायरस वायरस के कारण बिक्री में गिरावट के चलते राज्य सरकार की इनकम प्रभावित हुई, जिसे बढ़ाने के लिए ये फैसला लिया गया। इससे पहले मई में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर प्रति लीटर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रुपये की बढ़ोतरी की थी।


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