
UP: सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ के प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। इसके साथ ही सीएम योगी ने जिला अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के समय सभी लोगों और चीजों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी जिले अलर्ट मोड पर रहे।
सीएम योगी ने अधिकारियों को 15 जून तक तैयारी करने के निर्देश दिए है। सीएम ने अधिकारियों को तय वक्त के भीतर तैयारी करने का भी निर्देश दिया। क्योंकि 24 जिले बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील हैं।
सीएम योगी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा संवेदनशील स्थानों का भौतिक निरीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल मदद मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राहत आपूर्ति की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी किसान की निजी भूमि अगर जरूरी हो, तो मनरेगा के जरिए उसका निस्तारण करवाएं। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के दौरान बीमारी के फैलने की भी संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए सीएम ने राहत शिविरों के लिए स्वास्थ्य टीमों का गठन करने के लिए कहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी 780 बाढ़ सुरक्षा समितियों को भी एक्टिव मोड में रहने के निर्देश दिए है।
सीएम योगी ने बाढ़ को रोकने के लिए की गई योजनाओं के बारे में बोलते हुए कहा कि पिछले 6 सालों में बाढ़ की परेशानी का दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए को रोकने के लिए सुनियोजित प्रयास किए गए है।
जिसका राज्य में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रवण जिलों की संख्या में अभूतपूर्व कमी आई है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक, हम नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करके बाढ़ के रिस्क को कम करने में सफल रहे हैं।


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