Punjab: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में वातावरण अनुकूल सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट शुरू करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अमृतसर से ई-आटो सेवा शुरू करने और लुधियाना और जालंधर से ई-व्हीकल सेवा शुरू करने की मंजूरी दे दी है।
सोमवार को मुख्य मंत्री भगवंत मान ने राज्य के 47 शहरों में विभिन्न विकास प्रोजेक्टों की रिपोर्ट अधिकारियों से ली। सीएम ने कहा कि यह सुविधा नागरिकों को सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा प्रदान तो करेगी ही। इसके साथ ही यह सुविधा वातावरण की सुरक्षा में भी काफी अहम भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लुधियाना और जालंधर में ई-व्हीकल सेवा और अमृतसर में ई-आटो सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तरीके इन शहरों में ट्रांसपोर्ट की परेशानी को हल करने में मददगार होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से जल्द ही आवारा पशुओं की परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से बठिंडा और पटियाला जिलें में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
किसी विकास के कार्य को पूरा करने की जरूरत को पता लगाने के लिए पंजाब सरकार ने पहली बार एआई के द्वारा कार्य करने की आवश्यकता का मूल्यांकन करने संबंधी एक प्रोजेक्ट लागू किया है।
मुख्य मंत्री मान की तरफ से कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अमृतसर में शुरू किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों में लागू किए जाने वाले 1 हजार करोड़ रु से ज्यादा के प्रस्तावित प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि 762.45 करोड़ रु के प्रोजेक्ट इन 47 शहरों में नहरों के द्वारा 100 फीसदी पानी की सप्लाई यकीनी बनाई जाएगी। इन प्रमुख प्रोजेक्ट पर कार्य इस वर्ष अगस्त तक शुरू करने की संभावना है।
राज्य के लोगों के साथ सीधा संपर्क कायम करने के लिए सीएम ने कहा कि किसान सरकार मिलनी की तर्ज पर 'गांव- सरकार मिलनी' करवाई जाएगी। जिससे गावों के चुने हुए प्रतिनिधियों को विकास कार्य में हिस्सेदार बनाने के साथ-साथ उनके सुझाव प्राप्त किए जा सकें।
पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान ने सोमवार को सीएम कार्यालय में ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कहा कि 'गांव- सरकार मिलनी' जिला स्तर पर करवाई की जाएगी।
जहां पंचायतों आधिकारियों को गांवों के विकास के लिए पेश कठिनाइयों संबंधी अवगत करवाएगी। सीएम ने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग को 'गांव-सरकार मिलनी' के लिए उचित प्रबंध करने के लिए कहा जिससे सिलेक्ट प्रतिनिधि को अपनी बात रखने में कोई परेशानी पेश न आए।


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