नई दिल्ली, जून 29। तेलंगाना सरकार दलितों के सशक्तिकरण के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन जी रहे प्रत्येक दलित परिवार को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार के सीएम दलित एम्पावरमेंट प्रोग्राम के पहले चरण के तहत तेलंगाना के 119 विधानसभा क्षेत्रों में से हर एक में 100-100 परिवारों की पहचान की जाएगी। इस प्रकार कुल 11,900 परिवारों को 10-10 लाख रु की सहायता दी जाएगी।
कितना आएगा खर्च
राज्य सरकार इस प्रोग्राम के लिए 1,200 करोड़ रुपये निर्धारित करेगी और वित्तीय सहायता सीधे चुने हुए दलित लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। बिलकुल ठीक उसी तरह जैसे कि किसानों की मदद के लिए रायथु बंधु योजना के तहत उनके बैंक खातों में पैसा जमा कराया जाता है।
बैठक में लिया गया फैसला
ये फैसला बीते रविवार को मुख्यमंत्री तेलंगाना के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में लिया गया। बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, दलित प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ये बैठक 11 घंटे तक चली और रविवार देर रात इन फैसलों की घोषणा की गई।
इस तरह की पहली योजना
इस प्रोग्राम के तहत पात्र गरीब दलित लाभार्थियों को बिना किसी बैंक गारंटी के सहायता दी जाएगी। दावा किया जा रहा है कि यह देश में अपनी तरह की पहली स्कीम है जिसका उद्देश्य दलितों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में पाया गया कि प्रस्तावित मुख्यमंत्री दलित एम्पावरमेंट प्रोग्राम दलितों के जीवन में अहम परिवर्तन लाएगा और दलित सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री के विचार देश के लिए एक आदर्श बन गए हैं। मुख्यमंत्री के रूप में लोकप्रिय केसीआर ने कहा कि सर्वदलीय बैठक दलितों को हितधारक बनाने, उनके साथ एकजुट होने और उनके विचार प्रक्रिया और दृष्टिकोण में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए बुलाई गई थी।
क्या कहा सीएम ने
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार सीएम ने कहा कि यह भारतीय समाज पर एक धब्बा है कि दलितों के साथ सामाजिक और आर्थिक भेदभाव किया जाता है। यह हम सभी को बहुत परेशान कर रहा है। तेलंगाना राज्य सरकार ने दलितों के विकास और कल्याण के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं। राज्य सरकार ने कृषि और शिक्षा क्षेत्रों में अहम परिवर्तन किए हैं। लेकिन फिर भी गरीबी रेखा से नीचे के दलित परिवारों को विकास की ओर ले जाने के उद्देश्य से 1,200 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री दलित एम्पावरमेंट प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है।
अधिकारियों को दिया गया निर्देश
सीएम ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई से आने वाली पीढ़ियों को बहुत नुकसान होगा और इसके लिए नेता जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक दलित सामाजिक और आर्थिक रूप से शोषित वर्ग हैं। केसीआर ने अधिकारियों को दलितों की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं की पहचान करने और उनका समाधान खोजने का निर्देश दिया। दलितों के लिए कल्याण एवं विकास योजनाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री दलित एम्पावरमेंट प्रोग्राम भी शुरू किया जायेगा।


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