Noida Bus Service: नोएडा में ज्यादातर लोग ऑटो और ई-रिक्शा के जरिए ट्रेवल करते हैं. उन्हें ई-रिक्शा और ऑटो में भारी किराया देना पड़ता है. नोएडा में ज्यादातर लोग ऑफिस जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन मेट्रो जाने के लिए लोगों को ई-रिक्शा या ऑटो का सहारा लेना पड़ता है. अब जल्द ही नोएडा में सिटी बसें (City Buses) आने वाली है. इन बसों के आने से लोगों को ई-रिक्शा या ऑटो की जरूरत कम पड़ेगी.

नोएडा वालों को अब सफर करने में और आसानी होगी. नोएडा में जल्द ही 100 इलेक्ट्रिक बसें (Electronic Buses) चलने वाली है. यह बसें लोगों को घर से मेट्रो तक या ऑफिस तक जाने में काफी मददगारी साबित होगी. इन 100 इलेक्ट्रिक बसों को पीएम ई बस सेवा द्वारा चलाया जाएगा.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना के पहले चरण में इन बसों के जरिए नोएडा शहर को दिल्ली, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है. जिसके लिए ये 100 ई बसे 13 मार्गो पर चलेगी.
क्यों ई बस की पड़ी जरूरत?
मौजूदा समय में नोएडा में कोई भी अंतर्देशीय बस की सेवा नहीं है. यहीं कारण है कि नोएडा में लोगों मेट्रों तक जाने के लिए भी ई-रिक्शा, ऑटो या ऑनलाइन कैब का सहारा लेना पड़ता है. ये सभी अपने हिसाब से किराया वसूलते हैं. जिसकी वजह से कारोबारी लोगों को पैसा किराया देने में ही निकल जाता है.
इन्हीं सब समस्या को देखते हुए सरकार ने नोएडा में ई-बसें लाने की योजना बनाई है.
कब आएगी ये ई बसें?
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश शहरी परिवहन निदेशालय ने शहरों में बस सेवा को लेकर प्रजेंटेशन दिया है. जिसके बाद नोएडा के प्राधिकण सीईओ लोकेश एम ने अपने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वे एक योजना बनाए जिसमें बस डिपो, स्टॉप और ई चार्जिंग स्टेशनों की ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो.
जैसे ही यह योजना तैयार हो जाएगी इसे शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अनुमति दें दी जाएगी
कितना लगेगा खर्च ?
अधिकारियों के अनुसार, बस सेवा का परिचालन खर्च प्रति किलोमीटर 60 रुपये हो सकता है. यह खर्च टिकट से सिर्फ 50% ही वसूला जा सकता है. इसके अलावा इसमें केंद्र सरकार 36.7 फीसदी यानी 22 रुपये प्रति किमी का योगदान दे सकती है और बाकि 13.3% यानी 8 रुपये प्रति किमी का खर्च नोएडा प्राधिकरण द्वारा दिया जाएगा.


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