नई दिल्ली। देश और दुनिया में कोरोना वायरस कहर चल रहा है। दुनियाभर का ज्यादातर देशों में लॉकडाउन की स्थिति है। ऐसे में कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हालांकि अभी तक आमलोग इसका अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि जब सामान्य जीवन शुरू होगा तो करीब आधे लोगों की नौकरियां जा चुकी होंगी। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने एक सर्वेक्षण के हवाले से भारी संख्या में लोगों की नौकरी जाने का अंदेशा जताया है।
200 सीईओ से बातचीत पर आधारित है यह सर्वे
सीआईआई के करीब 200 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के बीच किए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण 'सीआईआई सीईओ स्नैप पोल' के मुताबिक मांग में कमी से ज्यादातर कंपनियों की आय गिरी है। इससे नौकरियां जाने का अंदेशा है।
इस तिमाही में ज्यादातर कंपनियों की आय गिरेगी
सर्वेक्षण के अनुसार चालू तिमाही (अप्रैल -जून 2020) और पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2020) के दौरान अधिकांश कंपनियों की आय में 10 प्रतिशत से अधिक कमी आने की आशंका है। इससे कंपनियों का लाभ दोनों तिमाहियों में 5 प्रतिशत से अधिक गिर सकता है। सीआईआई ने कहा है कि घरेलू कंपनियों की आय और लाभ दोनों में इस तेज गिरावट का असर देश की आर्थिक वृद्धि दर पर भी पड़ेगा। रोजगार के स्तर पर इनसे संबंधित क्षेत्रों में 52 प्रतिशत सीईओ ने नौकरियां कम होने की आशंका जताई है। सर्वेक्षण में 46 फीसदी सीईओ ने नौकरी नहीं जाने की बात कही, जबकि 2 फीसदी सीईओ ने कोई जवाब नहीं दिया। सर्वेक्षण के अनुसार, लॉकडाउन खत्म होने के बाद 47 प्रतिशत कंपनियों में 15 प्रतिशत से कम नौकरियां जाने की संभावना है। वहीं 32 प्रतिशत कंपनियों में नौकरियां जाने की दर 15 से 30 प्रतिशत होगी।
कंपनियों की इन्वेंट्री बेकार होने का खतरा
हालांकि, सर्वे में सामने आया है कि कंपनियों की अधिकांश इन्वेंट्री बेकार पड़ी हैं। सर्वे में कहा गया है कि कंपनियों के पास पड़ी कुल इन्वेंट्री में से 64 फीसदी के 30 दिन से भी कम समय में बिकने की उम्मीद है। लेकिन अगले 30 दिन या इसके बाद बिक्री के जोर नहीं पड़ने की आशंका जताई गई है। सीआईआई से सर्वे में सामने आया है कि आवश्यक उत्पादों के निर्माण, परिवहन और वितरण के लिए कंपनियां मुख्य तौर पर श्रमिकों की कमी से जूझ रही हैं।
सरकार दे सकती है प्रोत्साहन पैकज
सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि उद्योग के संचालन पर अचानक बंदी की मार को देखते हुए सरकार एक राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा कर सकती है और इसे फास्ट ट्रैक मोड पर लागू कर सकती है। उद्योग से जुड़े प्रमुख कारोबारी और चैंबर्स पहले ही मौजूदा संकट को देखते हुए सरकार से प्रोत्साहन पैकेज की मांग कर चुके हैं।
निर्मला सीतारमण ने दिलाया है भरोसा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया है कि सरकार उद्योगों के लिए एक पैकेज पर विचार कर रही है और इसकी घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी। वित्त मंत्री कोरोना वायरस इकोनॉमिक रेस्पॉन्स टास्क फोर्स की अध्यक्षता भी कर रही हैं। 26 मार्च को सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीब और प्रवासी मजदूरों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की है।
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