Expensive drugs: मॉडर्न मेडिसिन आने के बाद से एक सवाल हमेशा बना हुआ है...क्या जीवन बचाने वाली दवाएं सभी के लिए सस्ती हैं? जैसे-जैसे रिसर्च और इनोवेशन आगे बढ़े, एक्सेस और अफोर्डेबिलिटी और भी मुश्किल चुनौतियां बनती गईं। अब, चीनी वैज्ञानिकों की एक टीम का दावा है कि उन्होंने इस पुरानी समस्या का हल ढूंढ लिया है। एक ऐसी खोज जिसे कुछ लोग नोबेल पुरस्कार के लायक बता रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के वैज्ञानिकों ने 140 साल पुरानी केमिस्ट्री की एक चुनौती को हल कर लिया है, जिससे कैंसर की दवाओं और दूसरी मुश्किल दवाओं का प्रोडक्शन ज्यादा सुरक्षित और सस्ता हो सकता है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP)में छपी और नेचर जर्नल में पब्लिश हुई के मुताबिक...यह सफलता, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के हांग्जो इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडी के झांग शियाहेंग और शंघाई इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के जू शियाओसोंग के नेतृत्व में हासिल हुई है।
उनकी रिसर्च में एमाइन नाम के कंपाउंड्स को बनाने के लिए यूज होने वाले एक पुराने इंडस्ट्रियल तरीके का एक आसान और सुरक्षित विकल्प बताया गया है। एमाइन ड्रग्स, पेस्टिसाइड्स और डाइज के लिए जरूरी बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं।SCMP की रिपोर्ट के अनुसार, कई चीनी रिसर्चर्स ने तो इस उपलब्धि को नोबेल प्राइज लेवल का भी कहा है।
यह सफल कैसे माना जा रहा है?
एक सदी से भी ज्यादा समय से केमिस्ट कीमती कच्चे माल पर निर्भर रहे हैं। यह एक ऐसा प्रोसेस है जिसे 1884 में स्विस केमिस्ट ट्रागोट सैंडमेयर ने पेश किया था। हालांकि यह तरीका असरदार है, लेकिन यह जटिल, महंगा है, और इसमें बड़े सुरक्षा जोखिम हैं। इसमें अक्सर इंडस्ट्रियल खतरे होते हैं, जिसमें धमाके भी शामिल हैं।
झांग की टीम ने एक सुरक्षित समाधान खोजने की कोशिश की। SCMP के अनुसार एक ऐसा तरीका खोजा गया है जो महंगे मेटल कैटेलिस्ट और कई प्रोडक्शन स्टेप्स की जरूरत को खत्म कर देता है।
वैश्विक दवा उत्पादन के लिए इसका क्या मतलब हो सकता है?
हांग्जो साइंस ब्यूरो ने कहा कि यह सफलता फार्मास्यूटिकल्स, पेस्टिसाइड्स और डाइज जैसे सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग को बदल सकता है। SCMP की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सोशल मीडिया पर इस खोज ने काफी ध्यान खींचा है। लाइफ साइंसेज फ्रंटियर नाम के एक स्पेशलिस्ट अकाउंट ने कहा कि एक बार जब यह नया तरीका अपनाया जाएगा, तो जेनेरिक, हाई-टेक कैंसर रोधी दवाओं की प्रोडक्शन कीमत काफी कम हो सकती है, जिससे इलाज आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती हो जाएगा।
हालांकि रिसर्चर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स तुरंत कमर्शियल नतीजों की भविष्यवाणी करने में सतर्क हैं, लेकिन आम राय यह है कि चीन का नया तरीका टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
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