नयी दिल्ली। 2020 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में चीन की अर्थव्यवस्था पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3.2 फीसदी की दर से बढ़ी। चीन की इकोनॉमी ने पहली तिमाही की गिरावट से उभरते हुए जानकारों के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। चीन ने कोरोनावायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन में राहत दी, जिसका इसकी इकोनॉमी पर सकारात्मक असर पड़ा। इतना ही नहीं चीन ने अपनी इकोनॉमी को सहारा देने के लिए कई कदम भी उठाए। एक्सपर्ट्स ने अप्रैल-जून तिमाही में चीन की इकोनॉमी के लिए 2.5 फीसदी की ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया था।

पहली तिमाही में रहा था बुरा हाल
2020 की पहली तिमाही में चीन की जीडीपी पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 6.8 फीसदी घटी। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को कोरोनोवायरस के प्रकोप से काफी झटका लगा था। कम से कम 1992 के बाद से चीन की जीडीपी में आई पहली गिरावट थी। चीन के आधिकारिक जीडीपी आंकड़ों को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य के एक संकेतक के रूप में ट्रैक किया जाता है, लेकिन कई बाहरी विशेषज्ञ चीन की तरफ से जारी की जाने वाली रिपोर्ट्स की सत्यता पर शक करते हैं।
चीन की इकोनॉमी में रिकवरी में संकेत
चीन की सरकार ने राजकोषीय खर्च और लोन रेट में कटौती और बैंकों की आरक्षित आवश्यकताओं (उधारदाताओं को रिजर्व रखने के लिए नकद राशि) सहित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं। चीन के हालिया डेटा में रिकवरी के कुछ संकेत मिले हैं। जून में व्यापार आंकड़ों से पता चला कि चीन का डॉलर-डेनोमिनेटेड निर्यात और आयात बढ़ा। जून में इसकी विनिर्माण गतिविधि भी मई की तुलना में बेहतर हुईं। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार दो विभिन्न सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है।
लॉकडाउन में भी बढ़ा निर्यात
एक्सपर्ट कहते हैं कि चीनी निर्यात को "बड़े पैमाने पर बाजार में हिस्सेदारी" मिल रही है, जबकि बाकी दुनिया को लॉकडाउन में थी। चीन ने बाकी देशों के मुकाबले लॉकडाउन में जल्दी ढील देना शुरू कर दिया था। हालांकि कोरोनावायरस के मद्देनजर अभी भी चुनौतिया बाकी हैं।


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