नयी दिल्ली। भारत और चीन के बीच हुए सीमा विवाद के बाद देश भर में चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग उठ रही है। मगर इसी बीच एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दरअसल चीनी स्मार्टफोन कंपनी वनप्लस ने गुरुवार को अपने एक स्मार्टफोन वनप्लस 8 प्रो को सेल के लिए पेश किया था। हैरानी की बात ये है कि वनप्लस 8 प्रो का स्टॉक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया के पोर्टल पर मिनटों में बिक गया। एक तरफ देश में चीनी सामानों के बहिष्कार की मांग तूल पकड़ती जा रही है, वहीं चीनी स्मार्टफोन्स की मांग पर इसका फिलहाल कोई असर नहीं दिख रहा है। वनप्लस 8 और 8 प्रो को अप्रैल में लॉन्च किया गया था, मगर इन डिवाइसों को लॉकडाउन के मद्देनजर भारतीय बाजार में नहीं लाया गया था। भारत में वनप्लस 8 की बिक्री 18 मई से शुरू हुई और वनप्लस 8 प्रो की बिक्री 15 जून से शुरू की गई। वनप्लस और अमेजन इंडिया की तरफ से गुरुवार को कितने फोन बिके इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। मगर जानकार कहते हैं कि वनप्लस भारत में काफी पसंद किया जाने वाला स्मार्टफोन ब्रांड है इसलिए मिनटों में इसका स्टॉक खत्म हो गया।
मुख्य तीन स्मार्टफोन कंपनियों में है शामिल
भारत में 30000 रु से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन के मामले में जो तीन कंपनियां अपना दबदबा रखती हैं उनमें ऐप्पल और सैमसंग के अलावा वनप्लस शामिल है। बहरहाल चीनी मोबाइल फोन निर्माताओं और उपभोक्ता टिकाऊ कंपनियों ने दोनों देशों के बीच मुद्दे पर टिप्पणी करने से परहेज किया है। मगर कई उद्योग अधिकारियों ने दावा किया है कि चीनी विरोधी भावनाओं के कारण बिक्री पर अभी तक कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। लगभग दो महीने के लॉकडाउन के बीच घर से काम और पढ़ाई करने वाले के बीच स्मार्टफ़ोन की मांग बढ़ी है और कई कंपनियों को मांग में तेजी को पूरा करने के लिए महंगे आयात का सहारा लेना पड़ा। चीनी कंपनियां दोनों देशों द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर निगाह बनाए हुए हैं।
भारत में चीन विरोधी भावना
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार काउंटरपॉइंट रिसर्च ने मई-जून 2020 के दौरान सात देशों में एक सर्वे किया, जिसमें पाया गया कि इन 7 देशों में से भारत में चीन विरोधी भावना सबसे अधिक है। भारत के आधे से अधिक उत्तरदाताओं का मेड-इन-चाइना उत्पादों या चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों के प्रति नकारात्मक रवैया है। सर्वे में कहा गया है कि लगभग 10 उत्तरदाताओं में से चार ने कहा कि वे मेड-इन-चाइना उत्पादों या स्मार्टफोन चीनी ब्रांड के नहीं खरीदेंगे।
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीन का दबदबा
भारत के शीर्ष पांच स्मार्टफोन ब्रांडों में से चार (Xiaomi, Vivo, Realme और Oppo) चीन के हैं। मार्च 2020 की तिमाही (आईडीसी डेटा के अनुसार) में भारत में भेजे गए 3.25 करोड़ स्मार्टफोन में लगभग 76 फीसदी हिस्सेदारी इन्हीं की है। दक्षिण कोरिया का सैमसंग, जो तीसरे स्थान पर है और इस तिमाही के शिपमेंट में 15.6 प्रतिशत हिस्सा रखता है, ब्रांड टॉप 5 में इकलौती गैर-चीनी फर्म है। भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है और 2019 में देश में 15.25 करोड़ स्मार्टफोन्स की शिपमेंट हुई है।
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