Tik Tok Ban Lift In India : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित चीन दौरे से पहले दोनों देशों के बीच करीबियां और बढ़ाने के कई प्रयास किए जा रहे हैं। भारत पर लगाए गए 50 फीसदी ट्रम्प टैरिफ के खिलाफ खुलकर भारत के साथ चीन के आने के बाद अब भारत की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है।

दरअसल, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भारत में टिकटॉक के लिए कोई अनब्लॉकिंग आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसा कोई भी बयान या खबर झूठी और भ्रामक है। दूरसंचार विभाग के सूत्रों ने बताया कि इंटरनेट सेवा प्रोवाइडर इस वेबसाइट को लगातार ब्लॉक रखे हुए हैं।
हालांकि, ई-कॉमर्स वेबसाइट Aliexpress और ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली वेबसाइट SHEIN को लेकर सरकार की तरफ से अभी कोई स्पष्टिकरण सामने नहीं आया है।
कुछ यूज़र्स ने टिकटॉक एक्सेस करने का किया दावा
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कुछ यूजर्स ने TikTok की वेबसाइट एक्सेस कर पाने का दावा किया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे लॉग इन करने, वीडियो अपलोड करने या देखने में असमर्थ थे। बता दें कि भारत में ऐप स्टोर पर टिट-टॉक ऐप उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कुछ इंटरनेट यूजर्स इसे कैसे एक्सेस कर पा रहे हैं।
कांग्रेस ने भी दी प्रतिक्रिया
टिक-टॉक यूज़र्स द्वारा सर्विस को एक्सेस कर पाने का दावा किए जाने के बाद कांग्रेस ने भी इसपर प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस ने लिखा, "भारत में चीन की कंपनी 'टिक टॉक' की वेबसाइट चलने लगी है। चीन से झड़प में हमारे 20 जांबाज सैनिक शहीद हुए। पहले तो नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री) ने चीन को क्लीनचिट दी, लेकिन.. जब कांग्रेस ने दबाव बनाया तो हेड लाइन मैनेज करने को 'टिक टॉक' बैन किया। अब मोदी फिर चीन से लप्पो झप्पो कर रहे हैं, चीन के विदेश मंत्री से मिले हैं और खुद चीन जाने वाले हैं.. और इस बीच ही टिक टॉक से जुड़ी ये खबर आ गई। साफ है - नरेंद्र मोदी का चीन प्रेम, देश प्रेम पर भारी पड़ा है। पाकिस्तान से सीजफायर की तरह चीन के साथ भी शहादत का सौदा कर दिया गया है।"
जून 2020 में भारत सरकार ने 59 मोबाइल ऐप पर लगाया था बैन
बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15-16 जून 2020 की दरमियानी रात भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस घटना के बाद चीन और भारत के संबंधों में खटास आ गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 59 मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिए थे।
इन 59 मोबाइल एप्लिकेशन में ज्यादातर चीनी ऐप्स थे जिनमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर और वीचैट जैसे लोकप्रिय ऐप भी शामिल थे। सरकार ने इन चाइनीज ऐप्स को भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा, और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया था। सरकार ने बताया था कि ये सभी ऐप्स भारतीय नागरिकों का डेटा लीक कर रहे थे।


Click it and Unblock the Notifications