China के बैंक हो रहे बर्बाद, डूबेंगे 350 अरब डॉलर, ये है वजह

नई दिल्ली, अगस्त 2। चीन में प्रॉपर्टी सेक्टर क्रैश होने की वजह से चीनी बैंको को 350 अरब डॉलर का नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। चीन में प्रॉपर्टी सेक्टर चीन की जीडीपी में बहुत बड़ा स्थान रखता है, मगर पिछले कुछ महीने से प्रॉपर्टी के कारोबार से लोगो का विश्वास उठ सा गया है। लिहाजा चीनी अधिकारियों को गहरी उथल-पुथल को रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यदि बैंकों को 350 अरब डॉलर का नुकसान होता है तो फिर चीन की अर्थव्यवस्था पर निर्भर कुछ छोटे देशों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

लोगो ने प्रॉपर्टी सेक्टर का बहिष्कार शुरू कर दिया है

लोगो ने प्रॉपर्टी सेक्टर का बहिष्कार शुरू कर दिया है

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बहुत से रुके हुए प्रोजेक्ट्स के एक बढ़ते हुए संकट ने हजारों घर खरीदने वाले ग्राहकों के विश्वास को कम कर दिया है। लिहाजा चीन के 90 से अधिक शहरों में लोगों ने बैंकों से जो लोन लिया था। उसका भुगतान करने से मना करते हुए। प्रॉपर्टी सेक्टर का बहिष्कार शुरू कर दिया है। जिस कारण चीन के बैंको की चिंता बढ़ गई है क्योंकि चीन के बैंको को कम से कम 350 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

2.1 अरब युआन का घाटा

2.1 अरब युआन का घाटा

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुमान के अनुसार चीन के बैंकों को लगभग 356 बिलियन डॉलर का जोखिम हो सकता है। जबकि ड्यूश बैंक एजी ने जो चेतावनी दी है, उसके अनुसार, कम से कम 7 प्रतिशत होम लोन खतरे में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के बैंकों की तरफ से अभी तक 2.1 अरब युआन का घाटा हो जाने की जानकारी दी है, लेकिन अनुमान है, कि ये आंकड़ा इससे काफी ज्यादा हो सकता है और चीनी बैंक झूठ बोल रहे हैं।

लॉकडाउन से हुई समस्या

लॉकडाउन से हुई समस्या

लॉकडाउन से हुई समस्या और बढ़ती बेरोजगारी ने शी जिनपिंग के नेतृत्व पर सवाल से भर दिया है। वित्तीय और सामाजिक स्थिरता को बीजिंग अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखता रहा है।

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