Tariff War: जिसका डर था लगभग वहीं होना शुरू हो गया है. यानी ट्रेड वॉर की शुरुआत हो गई है. क्योंकि अमेरिका टैरिफ के जवाब में आज 4 अप्रैल को चीन ने भी जवाबी टैरिफ का ऐलान कर दिया है. इसके तहत चीन, अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा. इससे पहले कनाडा ने भी अमेरिकी टैरिफ के जवाब में एक्स्ट्रा टैरिफ का ऐलान कर चुका है. इसकी शुरुआत अमेरिका की ओर से अपने ट्रेड पार्टनर्स पर टैरिफ लगाने के ऐलान से हुई.

10 अप्रैल से होगा लागू
चीन ने अमेरिकी गुड्स और कंपनियों पर नए टैरिफ और एक्सपोर्ट कंट्रोल का ऐलान करके अमेरिका के साथ अपने ट्रेड वॉर को बढ़ावा दे दिया है। 10 अप्रैल से बीजिंग सभी अमेरिकी गुड्स पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा। चीन ने 16 अमेरिकी एंटिटीज को अपनी एक्सपोर्ट कंट्रोल लिस्ट में भी जोड़ दिया है और 11 अमेरिक की फर्म्स को अपनी 'Unreliable Entity' लिस्ट में रखा है।
चीन रेयर अर्थ एलिमेंट पर भी एक्सपोर्ट कंट्रोल लगा रहा है, जो हाई टेक इंडस्ट्री के लिए एक अहम कंपोनेंट है। इनमें समैरियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यट्रियम शामिल हैं। ये एलिमेंट्स सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और मिलिट्री सामानों के निर्माण के लिए जरूरी हैं।
चीन ने अमेरिका के टैरिफ पर जताई थी असहमति
बीजिंग(चीन की राजधानी) ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही अमेरिका को जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से इंपोर्ट पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी असहमति जताई थी। चीन के कॉमर्स मिनिस्ट्री ने कहा कि देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा। चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने ये भी कहा, "चीन सरकार ने सामानों पर कानून के अनुसार, एक्सपोर्ट कंट्रोल लगाया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की बेहतर सुरक्षा करने जैसे अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करना है।"


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