नई दिल्ली, जुलाई 15। चीन की आर्थिक स्थिति कोरोना के बाद भी स्टेबल होती नहीं दिख रही है। चीन में अर्थव्यवस्था की खराब हालत को इस बात से पता लगाया जा सकता है कि देश में घर खरीदने की प्रक्रिया एकदम ठप पड़ी हुई है। इस मामले में चीन के अधिकारियों ने देश के बैंकों के साथ आपात कालीन बैठक की है। चीन में हालात ऐसे है कि पहले से बुक घरों का ईएमआई भी लोग भर नहीं पा रहे हैं। चीन के आवास और शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस सप्ताह वित्तीय नियामकों और प्रमुख चीनी बैंकों के साथ मुलाकात कर के इस विषय पर गहन चिंता की। चीन में लोग अपनी गिरवी रखे समान या घर का भी ब्याज या मूलधन नहीं दे पा रहे हैं। लोगों के इस रवैये से चीन के बैंकों का हाल बुरा है।
बंधक पर सख्त रवैया अपनाएं बैंक
चाइना में बंधक पड़े सामानों पर ब्याज या धन न भरने का कोई तत्काल समाधान तो नहीं निकल पाया है लेकिन सरकार बैंकों के साथ मिल के समस्या का समाधान निकालने की पूरी कोशिश में है। सरकार ने बैंकों से ऐसे सभी मामलों का रिपोर्ट मांगा है। अगर लोग ऐसे ही पैसा देने से कतराते हैं तो बैंक दिए गए लोन और गिरवी पड़ी जमीन, घर पर कोई सख्त कदम उठा सकते हैं।
लोगो ने बंद कर दिया है पैसे लौटाना
ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के अनुसार हाल के दिनों में बंधक का भुगतान करने के लिए तेजी से बढ़ते इनकार की रिपोर्ट ने चीनी बैंक शेयरों और डेवलपर बॉन्ड में नुकसान पहुंचाता है। लोगों का यह रवैया देश में वित्तीय संकट को बढावा दे सकता है। चीन में पहले ही रियल एस्टेट डेवलपर्स की हालत खराब हो रही है ऐसे में बैंकों के पास गिरवी रखी संपत्ति का पैसा ना जाना उनके लिए एक और झटका है।
50 से अधिक शहरों में है बुरे हालात
होमबॉयर्स ने चीन के 50 से अधिक शहरों में कम से कम 100 आवासीय परियोजनाओं के बंधक पर भुगतान करना बंद कर दिया है। देश में रिसर्च कर रहीं एजेंसियों के मुताबिक देश के बड़े शहरों में हालात बुरे होते जा रहें है। लोग घर खरीदना कम कर रहे हैं और जिन्होनें घर खरीदा है वो भुगतान करना शुरू नहीं कर रहे हैं।


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