नई दिल्ली, नवंबर 16। पिछले दो दशकों में वैश्विक दौलत तीन गुना हो गई है। बात सबसे अमीर देशों की करें तो चीन सबसे आगे निकल गया है। जी हां चीन ने पूरी दुनिया में अमीर देशों की लिस्ट में पहला पायदान हासिल कर लिया है। एक नयी रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर की कुल संपत्ति 2000 में 156 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ कर 2020 में 514 ट्रिलियन डॉलर हो गई। चीन ने इस वृद्धि का लगभग एक तिहाई हिस्सा हासिल किया।
कितनी हो गयी दौलत
विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) में शामिल होने से एक साल पहले, 2000 में चीन की संपत्ति केवल 7 ट्रिलियन थी, जो 2020 में बढ़ कर 120 ट्रिलियन डॉलर हो गई। इससे चीन की आर्थिक वृद्धि भी तेज हुई है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मैकिन्से एंड कंपनी की रिसर्च यूनिट की एक नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
10 देशों के पास 60 फीसदी दौलत
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 10 देशों के पास पूरे विश्व की 60% से अधिक दौलत है। इस समय दुनिया में सबसे अधिक दौलत है। यानी इतनी दौलत पहले कभी नहीं रही है। प्रॉपर्टी की कीमतों में नरमी के कारण, अमेरिका की कुल संपत्ति दोगुने से अधिक हो गयी। 2020 में अमेरिका की संप्तित 90 ट्रिलियन डॉलर आंकी गयी, जो कि चीन से 30 ट्रिलियन डॉलर कम है।
अमीर परिवारों के पास दौलत
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों (चीन और अमेरिका) में, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, दो-तिहाई से अधिक दौलत इनके सबसे अमीर 10% परिवारों के पास है और उनकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। वैश्विक दौलत का 68% रियल एस्टेट में है। बाकी पैसा इंफ्रा, मशीनरी और इक्विपमेंट जैसी चीजों में है। थोड़ी सी दौलत बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) और पेटेंट में भी है।
अमीर लगातार हो रहे अमीर
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये विशेष रूप से अनोखा समय है क्योंकि दुनिया के सबसे अमीर लोग पहले की तुलना में कहीं अधिक अमीर हो रहे हैं, जबकि सबसे गरीब लोग प्रमुख देशों में पीड़ित होने लगे हैं। ये एक ऐसा ट्रेंड है, जो कम से कम पिछली आधी सदी में नहीं देखा गया है।
जीडीपी से अधिक है दौलत
पिछले दो दशकों में निवल मूल्य (नेटवर्थ) में तेज वृद्धि ने वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि को पीछे छोड़ दिया है। ब्याज दरों में गिरावट से संपत्ति की कीमतों में तेजी इसका एक बड़ा कारण आई।


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