नई दिल्ली। चीन से व्यापार घाटा भारत की सबसे बड़ी चिंता है। यही कारण है कि भारत लगातार कोशिश कर रहा है कि वह चीन को कुछ नए चीजें निर्यात कर सके। ऐसे में अचानक मिर्च, हिना पाउडर, वैल्यू एडेड टी और मोरिंगा पाउडर के चीन को निर्यात होने की उम्मीद बढ़ी है। हाल ही में चीन की राजधानी शंघाई में एक इंपोर्ट फेयर का आयोजन हुआ था। इस इंपोर्ट फेयर में जाने वाली भारतीय कंपनियों से चीन ने आयात को लेकर इच्छा जताई है। 5 से लेकर 10 नवंबर तक शंघाई में हुए दूसरे चाइना इंटरनेशनल इम्पोर्ट एक्सपो में एक हीना पाउडर एक्सपोर्टर को 3 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले हैं।

फेयर में भारतीय कंपनियों से बढ़ी कारोबारी पूछताछ
मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार हर्बल उपयोग के लिए कृषि उत्पादों विशेषतौर पर मोरिंगा पाउडर, मिर्च पाउडर और वैल्यू एडेड टी के लिए भारतीय कारोबारियों को काफी इंक्वायरी मिली हैं। भारत ने इस वर्ष अप्रैल से सितंबर के दौरान इन उत्पादों का करब 20 करोड़ डॉलर का चीन को निर्यात किया है। चीन भी भारत के साथ बढ़ते ट्रेड डेफिसिट को कम करना चाहता है। इसीलिए वह इम्पोर्ट एक्सपो जैसी कोशिशें कर रहा है।
अभी भारत को हो रहा है भारी घाटा
चालू वित्ती वर्ष के पहले 6 महीनों में चीन को भारत का निर्यात केवल 8.5 अरब डॉलर का रहा है, जबकि आयात बढ़कर 36.3 अरब डॉलर का हो गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में चीन के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट 53.6 अरब डॉलर का रहा था।
एक अधिकारी के अनुसार चीन हमें ऐसे कृषि उत्पादों के लिए ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन उपलब्ध कराना चाहता है, क्योंकि चीन में ऑर्गेनिक प्रॉडक्ट्स की डिमांड बहुत अधिक है। इंपोर्ट एक्सपो में फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल इक्विपमेंट एंड हेल्थकेयर प्रॉडक्ट्स, ऑटोमोबाइल, ट्रेड इन सर्विसेज, फूड एंड एग्रीकल्चर प्रॉडक्ट्स जैसी मुख्य प्रॉडक्ट कैटेगरी थी, जिनमें भारत ने हिस्सेदारी की थी। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) के अनुसार कई कंपनियां भारत को अपना एक्सपोर्ट बेस बनाने के साथ ही भारतीय मार्केट में भी बिजनेस करना चाहती हैं। ऐसी कंपनियों के पास कम कॉरपोरेट टैक्स रेट का इंसेंटिव है।
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