
UP: उत्तर प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर राज्य के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। गुरुवार को इस संबंध में शासन स्तर से भी कमिश्नर और डीएम के लिए पर्याप्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता की तरफ से जारी किए गए दिशा निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मंडलायुक्त और जिलाधिकारी मंडल और जिलों में पर्याप्त मात्रा में ट्रांस्फार्मर और केबल उपलब्ध हैं या नहीं इसकी मॉनिटरिंग रोजाना करेंगे।
इतना ही नहीं इसके साथ ही जनता की तरफ से जो शिकायत मिल हैं उन शिकायतों का निस्तारण वक्त पर हो रहा है या नहीं हो रहा है। इसकी भी मॉनिटरिंग रोजाना की जाएगी।
शासन की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि उत्तर प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी इजाफा हो रहा है। कुछ दिन पहले ही इस वर्ष की सबसे अधिक मांग 26,266 मेगावाट पहुंच गयी थी।
मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को इस वजह से दिशा निर्देश जारी किए गए है। ताकि आम लोगों, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध होती रहे।
दिशा निर्देशों के अनुसार, जनपद और मण्डल स्तर रोजाना समीक्षा कर ली जाए कि जो बिजली की आपूर्ति है वो रोस्टर के मुताबिक हो रही है या फिर नहीं हो रही है। अगर कही कोई लोकल लोकल फाल्ट हुई है, तो फिर उसको वक्त पर ठीक कराया गया है कि नहीं।
इसके साथ ही रोजाना इसकी भी समीक्षा की जाएगी कि बिजली की शिकायतों के लिए पॉवर कॉरपोरेशन के टोल पर आम लोगों के द्वारा दर्ज की गई शिकायत का वक्त पर निस्तारण हो रहा है या शिकायत का वक्त पर निस्तारण नहीं हो रहा हैं। इसके साथ ही स्टोर में पर्याप्त मात्रा में जरूरी केबल या अन्य सामग्री उपलब्ध हैं या उपलब्ध नहीं हैं।


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