MP: प्रदेश में भोजन के लिए गरीब मजदूरों को अधिक पैसे नहीं अदा करना होगा। दरअसल, राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क से मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीनदयाल रसोई योजना के अंतर्गत चलित रसोई केंन्द्रों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
दीनदयाल रसोई योजना में इंदौर में चार, भोपाल में तीन, जबलपुर में दो और ग्वालियर में दो चलित रसोई केन्द्र शुरू किये जा रहे हैं। बाकी, 12 नगरपालिक निगमों सहित पीथमपुर एवं मण्डीदीप नगरीय निकाय में एक-एक चलित रसोई केन्द्र शुरू किये जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर कहा कि हम दीनदयाल चलित रसोई योजना प्रारंभ कर रहे हैं। मजदूरी के लिए नगरों में आने वाले हमारे गरीब भाई-बहनों को अब 5 रूपये में भरपेट भोजन दिया जायेगा, ताकि उनकी खून-पसीने की बड़ी कमाई भोजन में ही न चली जाए।
सूबे के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब रसोई तक भोजन करने क्यों आए, आने जाने में ही वक्त और पैसा खर्च हो जायेगा। उन्होंने कहा कि इसलिए मन में ये विचार आया कि जहां गरीब भाई-बहन हैं वहीं रसोई ले जाएं।इसलिए चलित रसोई योजना प्रारंभ की।
सीएम शिवराज ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय कहते थे। दरिद्र ही नारायण है, गरीब ही तुम्हारा भगवान है और उसकी सेवा भगवान की पूजा है। मेरे लिए यह मंत्र है। उन्होंने कहा कि इसलिए आज हम दरिद्र नारायण की सेवा के लिए दीनदयाल चलित रसोई योजना प्रारंभ कर रहे हैं।
7 फरवरी 2017 को प्रदेश में कहा योजना जिला मुख्यालयों और 6 प्रमुख धार्मिक स्थानों को मिलाकर 56 स्थानों पर संचालन के साथ प्रारंभ की गई थी। अगर हम वर्तमान की बात करें तो फिर यह योजना का वर्तमान में 166 स्थानों पर योजना का संचालन किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदेश में योजना के अंतर्गत सवा दो सौ लाख भोजन थालियों का वितरण किया जा चुका है।


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