नयी दिल्ली। यदि आपके पास कोई अच्छा बिजनेस आइडिया है तो जरूरी नहीं कि आपको बहुत अधिक पैसों की भी जरूरत हो। क्योंकि बहुत से बिजनेस बहुत कम पैसों में भी शुरू किए जा सकते हैं। जैसा कि हम आपको आज एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने सिर्फ 500 रु में अपना बिजनेस शुरू किया था। आज उनकी कमाई लाखों रु में है। इतना ही नहीं उन्होंने दूसरों को भी रोजगार दिया है। आइए जानते हैं पूरी कहानी।
क्या है बिजनेस
जिस महिला की हम बात कर रहे हैं वो हैं चेन्नई की चेरिल हफटन। चेरिल इकोफ्रेंडली टेक्सटाइल्स तैयार करती हैं। उनकी कंपनी का नाम है ड्रीम वीवर्स, जिसकी शुरुआत से पहले चेरिल ने सिर्फ 500 रु में अपना कारोबार शुरू किया था। आज की तारीख में ड्रीम वीवर्स का काम महिलाओं के कपड़ों का डिजाइन और तैयार करना है। बताते चलें कि ड्रीम वीवर्स जो प्रोडक्ट तैयार करती है वो स्पा और ब्यूटी पार्लर में काफी इस्तेमाल किए जाते हैं।
एक ही बार होता है इस्तेमाल
चेरिल की कंपनी जो इकोफ्रेंडली टेक्सटाइल्स तैयार करती है उनका इस्तेमाल स्पा और ब्यूटी पार्लर जैसी जगहों पर केवल एक ही बार होता है। यानी ये डिस्पोजेबल प्रोडक्ट होते हैं। यही डिस्पोजेबल प्रोडक्ट ड्रीम वीवर्स के सबसे अहम उत्पाद हैं। रेडिफ.कॉम की रिपोर्ट के अनुसार बहुत जल्द ड्रीम वीवर्स इंटरनेशनल स्तर पर अपना कारोबार शुरू कर सकती है।
कितना बड़ा है कारोबार
चेरिल हफटन अब लाखों में रु में कमाई करती हैं, जबकि उनकी शुरुआत सिर्फ 500 रु से हुई थी। इतना ही नहीं उनकी कंपनी ड्रीम वीवर्स का टर्नओवर इस समय 25 लाख रु से अधिक हो गया है। चेरिल ने कंपनी की शुरुआत के बाद दूसरी महिलाओं को भी काम दिया। इनमें सबसे पहले उन्होंने अपनी मेड को काम सौंपा। आगे जानिए कि कैसे चेरिल के दिमाग में इतना अच्छा बिजनेस आइडिया आया।
ऐसे आया बिजनेस का आइडिया
एक बार चेरिल अपनी बेटी के साथ एक शादी में गयी। वहां चेरिल की बेटी की नजर ईकोफ्रेंडली नैपकिन और ऐसे ही बाकी सामान पर गयी। उनकी बेटी ने अपनी मां को उस सामान को दिखाया और वहीं से चेरिल के मन में शानदार बिजनेस आइडिया आ गया। ये बिजनेस कम पैसों में शुरू किया जा सकता था। इसलिए चेरिल ने आगे बढ़ने का फैसला किया।
कैसे ली सिलाई मशीन
चेरिल ने अपने छोटे से बिजनेस की शुरुआत एक सिलाई मशीन से की थी। वे इस सिलाई मशीन को किस्तों पर लाई थीं। कच्चा माल बहुत महंगे था। इसलिए थोड़े से निवेश से चेरिल ने शुरुआत की। वे कपड़े का पूरा रोल नहीं खरीद सकती थीं, इसलिए छोटे टुकड़ों से काम चलाया।
किन महिलाओं को किया शामिल
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि चेरिल ने दूसरी महिलाओं को भी काम दिया। उन्होंने परिवार में परेशान या आर्थिक तौर पर कमजोर महिलाओं को अपने काम में शामिल किया। इन महिलाओं को ट्रेनिंग दी गीय। इसके बाद चेरिल का कारोबार धीरे-धीरे बढ़ता गया। आज चेरिल एक कामयाब बिजनेस वुमन हैं। चेरिल के पास अब 8 मशीनें हैं। उनके पास 12 महिलाएं काम करती हैं। ये रेगुलर काम करने वाली महिलाएं हैं। जबकि 10 महिलाएं ऐसी हैं जो पार्ट टाइम काम करती हैं।
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