नयी दिल्ली। धनतेरस का खास अवसर आने वाला है और इस मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। मगर खरीदारी से पहले सोने की शुद्धता चेक करना एक जरूरी चीज है। सोने की ज्वेलरी खरीदने से पहले आपको उसकी शुद्धता की जानकारी होनी चाहिए। अगर आप सोने की शुद्धता चेक करने का तरीका नहीं जानते तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको सोने की शुद्धता चेक करने के आसान तरीके बताएंगे।
शुद्धता के अनुसार करें पेमेंट
आपको सोने के लिए उसकी शुद्धता के अनुसार ही पैसे देने होते हैं। आपको सोने के 18 और 24 कैरेट होने का पता होगा। मगर ये ध्यान रखिए कि 24 कैरेट सोने से गहने नहीं बन सकते। जिस सोने के आपको गहने दिए जाते हैं वो 18 या 22 कैरेट का होता है। इसके लिए 24 कैरेट सोने में चांदी या कोई और धातु मिलाई जाती है। अब जब आप सोना खरीदें तो ये देखें कि वो कितने कैरेट का है, उसी हिसाब से आपको पैसे देने होंगे।
क्या है कैरेट का खेल
जैसा कि हमने बताया कि कैरेट से ही सोने की शुद्धता का पता चलता है। अब समझिए कि कितने कैरेट में कितना फीसदी सोना होता है। यदि आप 22 कैरेट वाला सोना खरीद रहे हैं तो उसमें 91.66 फीसदी शुद्ध सोना होगा। इसे चेक करने का एक फॉर्मूला है। जितने कैरेट का सोना आप खरीद रहे हैं उसे 24 से भाग देकर 100 से गुणा करें। इसी आधार पर आप कितने भी कैरेट गोल्ड का रेट जान सकते हैं।
यहां से लें मदद
गोल्ड ज्वेलरी खरीदने से पहले आप इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईसीडीए) की वेबसाइट (https://ibjarates.com) पर जरूर विजिट करे। यहां से आप सोने के सही रेट चेक कर सकते हैं। एक बार सोने की शुद्धता (कैरेट के हिसाब से) चेक करके आप उसी हिसाब से पेमेंट करें। इससे आपको ज्यादा पैसे चुकाने की जरूरत नहीं होगी।
हॉलमार्क है दूसरा तरीका
कैरेट के अलावा सोने पर हॉलमार्क जरूर देखें, जो कि क सरकारी गारंटी होती है। हॉलमार्क से पता चलता है कि सोने की शुद्धता सही है। हॉलमार्क एक खास निशान होता है, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) गोल्ड ज्वेलरी पर लगाता है। यहां ध्यान रखने वाली बात ये है कि पांच अंकों वाला ये हॉलमार्क हर कैरट के लिए अलग होता है। ज्वेलरी पर दर्ज इस नंबर का एक अर्थ होता है। इसलिए ध्यान रहे कि हमेशा हॉलमार्क वाली ज्वेलरी ही खरीदें।
घर बैठे चेक करें शुद्धता
कुछ समय पहले सरकार ने नई बीआईएस-केयर ऐप लॉन्च की थी। इस ऐप से आप आईएसआई और हॉलमार्क क्वालिटी-सर्टिफाइड प्रोडक्ट की जांच कर सकते हैं। इस ऐप से आप प्रामाणिक न होने वाले उत्पादों की शिकायत भी दर्ज कर कर सकते हैं। ये काम आप बीआईएस वेबसाइट के जरिए भी ये काम कर सकते हैं। बता दें कि ऐप डाउनलोड होने के बाद बीआईएस-केयर ऐप खोलें। फिर नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें। ओटीपी के जरिए नंबर और ईमेल आईडी को वेरिफाई करें। अब आप आप उत्पादों की गुणवत्ता की पुष्टि करना शुरू कर सकते हैं।


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