पणजी। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने यहां कहा कि 1 महीने के भीतर नई पावर टैरिफ पॉलिसी आने वाली है। यह पॉलिसी बिजली कंपनियों को घाटे का बोझ ग्राहकों पर डालने से रोकेगी। उन्होंने कहा कि नई पॉलिसी पर केंद्र सरकार विचार कर रही है और यह ग्राहकों के हित में और पारदर्शी है। एक बार पॉलिसी लागू हो जाती है, तो देश में सस्ती बिजली का रास्ता खुला जाएगा। इस पॉलिसी के बाद जहां बिजली वितरण कंपनियां मनमाने दाम नहीं ले सकेंगी, वहीं बिजली उत्पादन कंपनियों को अपने सबसे सस्ते प्लांट से ही बिजली की आपूर्ति करनी होगी। इसके बाद अनुमान है कि देश में रोज बिजली ग्राहकों के करीब 3 करोड़ रुपये यानी महीने में करीब 90 करोड़ रुपये बचेंगे। एक साल में यह 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा होंगे।
नई पॉलिसी में उपभोक्ताओं के अधिकार तय किए जा रहे
सिंह ने कहा, 'नई पॉलिसी में हम उपभोक्ताओं के अधिकार तय कर रहे हैं। अभी बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों की कोई चार्टर नहीं है। इस पॉलिसी में हम तय मानकों के तहत सेवा देंगे।' बिजली मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा, 'यदि मैं फोन करता हूं तो तय समय में जवाब देना होगा। यदि वितरण कंपनी इसका उल्लंघन करती है तो फाइन लगाया जाएगा।'
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'यह बिजली वितरण कंपनियों को अपना घाटा ग्राहकों पर थोपने से भी रोकेगी। यदि मैं (कंपनी) मीटर रीडिंग, बिलिंग और कलेक्शन में अक्षम हूं तो इसका बोझ एक निश्चित सीमा के बाद ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकता है।'
ऐसे मिलेगी सस्ती बिजली
सिंह ने कहा, ‘हमने एक और काम किया है कि यदि मैं बिजली उत्पादन कंपनी हूं और वितरण के लिए किसी अन्य कंपनी से करार किया है तो बिजली की आपूर्ति सबसे दक्ष संयंत्र से करने की बाध्यता होगी ताकि बिजली खरीद की लागत न्यूनतम रहे।' उन्होंने कहा, ‘जब पहला संयंत्र पूरी तरह से उत्पादन करने लगे, तभी दूसरे संयंत्र में उत्पादन शुरू किया जाएगा। कम दक्ष संयंत्र नहीं चलेंगे।'
उपभोक्ताओं के रोज बचेंगे 3 करोड़ रुपये
सिंह ने कहा कि इस बदलाव से उपभोक्ताओं को अब देश भर में 3 करोड़ रुपये प्रतिदिन की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि नयी नीति में अनावश्यक लोड शेडिंग पर भी प्रतिबंध होगा। उन्होंने कहा, ‘यदि आप बिना किसी कारण के लोड शेडिंग करते हैं तो आपको उपभोक्ता को जुर्माना देना होगा।'


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