सोने की कीमत में गिरावट का दौर शुरु हो गया। सोने के भाव में तेजी पर आज फिर ब्रेक लग गया है। जबकि चांदी के तेवर अभी गरम हैं। सोना एक बार फिर से नीचे लुढ़क गया।
नई दिल्ली: सोने की कीमत में गिरावट का दौर शुरु हो गया। सोने के भाव में तेजी पर आज फिर ब्रेक लग गया है। जबकि चांदी के तेवर अभी गरम हैं। सोना एक बार फिर से नीचे लुढ़क गया। सोने की कीमत में सोमवार को फिर से गिरावट दर्ज की गई।

सोने के भाव में तेजी पर फिर ब्रेक लग गया है। हालांकि आज चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली। आज सोमवार को देश भर के सर्राफा बाजार में शुक्रवार के मुकाबले सोना फिर से सस्ता हो गया। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव आज 106 रुपये गिरकर 52768 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं चांदी का हाजिर भाव 391 रुपये प्रति किलो ऊपर 68159 रुपये पर खुला।
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आज सस्ता हुआ सोना-चांदी में आई तेजी
सोमवार को सोने की कीमत पर नजर डाले 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत का भाव 52768 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 99.5 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 52557 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 52662 रुपए प्रति 10 ग्राम था। वहीं 916 शुद्धता वाले सोने की कीम 48335 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। वहीं 18 कैरेट वाले सोने की कीमत 39576 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी का हाजिर भाव में आज तेजी देखने को मिली। चांदी की कीमत 391 रुपए प्रति किलो बढ़ा है। चांदी की कीमत 68159 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। जबकि शुक्रवार को चांदी की कीमत 67768 रुपए प्रति किलोग्राम था। ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन बच्छराज बमाल्वा के मुताबिक वैश्विक अनिश्चितता के कारण सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई।
सोना डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन बच्छराज बमाल्वा ने कहा, वैश्विक अनिश्चितता की वजह से सोना चढ़ रहा है। हालांकि, सोने की भौतिक मांग कम है, इसके बावजूद जोखिम के बीच निवेशकों को अपनी बचत तथा निवेश के लिए पीली धातु में सबसे बेहतर विकल्प दिख रहा है। रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा किया है, लेकिन अभी इसको लेकर दुनिया बहुत निश्चिंत नहीं हैं। वहीं जानकारों दिवाली के आस-पास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के एसोसिएट निदेशक एवं प्रमुख (जिंस एवं मुद्रा) किशोर नार्ने कहते हैं कि सोने की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजह कोविड-19 के चलते अर्थव्यवस्थाओं में आई सुस्ती तथा ब्याज दरों का करीब शून्य के स्तर पर होना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में व्यापार युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट की आशंका के बीच सोना आकर्षक परिसपंत्ति है। उन्होंने कहा कि अगले 12 से 15 महीने में सोना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 2,450 डॉलर प्रति औंस पर होगा।
सोने में आ सकती 15 प्रतिशत तक की उछाल
घरेलू बाजार में सोना 67,000 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर को छू सकता है। विश्व स्वर्ण परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, चालू साल की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने की हाजिर मांग सालाना आधार पर 11 प्रतिशत घटकर 1,015.7 टन रही है। पहली छमाही में सोने की हाजिर मांग छह प्रतिशत घटकर 2,076 टन पर आ गई। लेकिन कोविड-19 की वजह से पहली छमाही में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड 734 टन का निवेश हुआ है। जिसकी वजह से सोना चढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पहली छमाही में डॉलर मूल्य में सोना 17 प्रतिशत चढ़ चुका है। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए वरदान है। वहीं केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर केडिया कहते हैं कि सोने के दाम तभी गिरेंगे जब मार्केट में कोई कोरोना की वैक्सीन आ जाए और वह सफल भी हो। इसके अलावा भारत और चीन सोना नहीं खरीदते हैं तो दाम कुछ कम हो सकते हैं। फिर भी सोना 44000 से नीचे नहीं जाएगा।


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