Ayushman Bharat Id Linking: सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के द्वारा दिए गए एक निर्देश के अनुसार 1 अप्रैल 2024 के बाद से सभी लाभार्थियों की आईडी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट की आईडी से लिंक होनी चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दे की सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के डायरेक्टर मनोज जैन के द्वारा यह मेमोरेंडम दिया गया है। लोगों को आयुष्मान कार्ड से अपनी आईडी लिंक करने के लिए 30 दिन तक का समय दिया गया है।
15 अप्रैल 2024 से सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के लाभार्थियों की आईडी उनकी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के आईडी से लिंक हो जानी चाहिए। साथ ही मेमोरेंडम में लिखा गया है कि इस प्रक्रिया को 30 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाना चाहिए।

इससे क्या होगा फायदा
मंत्रालय के द्वारा दी जा रही जानकारी के मुताबिक सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम का लाभ उठाने वाले लोगों की आईडी को उनके आयुष्मान भारतकार्ड से लिंक करने पर उन्हें एक डिजिटल हेल्थ आइडेंटिटी मिल जाएगी। इस तरह से लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड को डिजिटल बड़ी आसानी से कलेक्ट किया जा सकेगा जिससे डाटा कलेक्शन बढ़ेगा और चीज काफी ज्यादा आसान भी हो जाएंगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम को 1954 में केंद्र सरकार के द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना के तहत सरकार सरकारी कर्मचारी और पेंशन धारकों के साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाती है।
कितने लोग उठा रहे हैं इस योजना का लाभ
फिलहाल देश के 75 शहरों में 41 लाख से ज्यादा बेनिफिशियरी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम का फायदा उठा रहे हैं और अपने पैसों के भी बचत कर रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलता है। किस योजना के तहत लाभार्थी को बीमारी के दौरान अस्पताल में कैशलैस ट्रीटमेंट भी बढ़िया आसानी से मिल जाता है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2024 से गस आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ खाता आईडी से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है।
सीजीएस सरकारी नौकरी वालों को और पेंशन धारकों को की बड़ी संख्या को सहारा देता है, इससे लाभार्थी व्यक्ति उसकी पत्नी और बच्चों को भी फायदा होता है और इलाज का खर्चा सरकार के द्वारा दिया जाता है।


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