बैंक संबंधी सभी काम को आज ही निपट लें, क्योंकि कल हड़ताल रहेगी। जी हां कल यानी 26 नवंबर को ट्रेड यूनियन की हड़ताल रहेगी। इस कारण से आपको काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली: बैंक संबंधी सभी काम को आज ही निपट लें, क्योंकि कल हड़ताल रहेगी। जी हां कल यानी 26 नवंबर को ट्रेड यूनियन की हड़ताल रहेगी। इस कारण से आपको काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं इसके बाद एक दिन के लिए शुक्रवार को बैंक खुलेंगे, लेकिन अगले तीन दिन बैंक बंद होने की वजह से इतना दबाव रहेगा कि आसानी से कार्य नहीं हो सकेंगे। और इस तरह इसके बाद दिसंबर में ही बैंक खुलेंगे।

10 ट्रेड यूनियन करेंगे देशव्यापी हड़ताल
आपको बता दें कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल होने जा रही है। इस हड़ताल में अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने भी शामिल होने की घोषणा की है। हड़ताल का आह्वान केंद्र सरकार की श्रम-विरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया है। भारतीय मजदूर संघ को छोड़कर 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की घोषणा की है। बता दें कि एआईबीईए ने बीते कल मंगलवार को बयान में कहा कि लोकसभा ने हाल में संपन्न सत्र में तीन नए श्रम कानूनों को पारित किया है और कारोबार सुगमता के नाम पर 27 मौजूदा कानूनों को समाप्त कर दिया है। ये कानून शुद्ध रूप से कॉरपोरेट जगत के हित में हैं। इस प्रक्रिया में 75 फीसदी श्रमिकों को श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर दिया गया है। नए कानूनों में इन श्रमिकों को किसी तरह का संरक्षण नहीं मिलेगा।
एसबीआई ग्राहकों को नहीं होगी परेशानी
हालांकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाताधारकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि हड़ताल का आह्वान आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने किया है और उसका स्टेट बैंक में खास प्रभाव नहीं है। इसलिए स्टेट बैंक की ज्यादातर शाखाएं खुली रहेगीं लेकिन बाकी बैंकों पर इस हड़ताल का असर साफ नजर आएगा। ऐसे में एआईबीईए भारतीय स्टेट बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक को छोड़कर ज्यादातर बैंकों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्यों में विभिन्न सार्वजनिक व पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों और कुछ विदेशी बैंकों के चार लाख कर्मचारी शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, पुरानी पीढ़ी के निजी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और विदेशी बैंकों की 10000 ब्रांच के करीब 30,000 कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे।
बैंक कर्मचारी रखेंगे अपनी मांगे
मालूम हो कि एआईबीईए का यह भी कहना है कि 26 नवंबर को बैंक कर्मचारी अपनी मांगों पर भी फोकस करेंगे जैसे बैंक निजीकरण का विरोध, आउटसोर्सिंग व कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम का विरोध, पर्याप्त नियुक्तियां, बड़े कॉरपोरेट डिफॉल्टर्स के खिलाफ कड़ा एक्शन, बैंक डिपॉजिट की ब्याज दर में बढ़ोत्तरी और सर्विस चार्ज में कटौती। बयान में कहा गया कि वर्तमान सरकार आत्मनिर्भर भारत के नाम पर निजीकरण के अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रही है और बैंकिंग समेत इकोनॉमी के कोर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निजीकरण कर रही है।
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