नई दिल्ली, अगस्त 09। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग गठित करने पर विचार नहीं कर रही है। चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "केंद्र के कर्मचारियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।" इसे 1 जनवरी 2026 को लागू किया जा सकता है।
महंगाई भत्ता से चलेगा काम
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि केन्द्र सरकार मुद्रास्फीति के कारण केन्द्र के कर्मचारियों को वेतने के बाद महंगाई भत्ता देती है। सरकार महंगाई दर के अधार पर हर छ: महीने में डीए के दर को संशोधित करती रहती है। उन्होनें बताया की सरकार के पास 8वा वेतन आयोग गठन करने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। 8वा वेतन आयोग को जनवरी 2026 में लागू किया जा सकता है।
2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन किया गया था।
सरकार ने फरवरी, 2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन किया था। पैनल की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी है। सरकार का कहना है कि केन्द्रिय कर्मचारियों को महंगाई दर के अनुसार महंगाई भत्ता मिलता रहेगा।
वेतन आयोग क्या है?
वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव की सिफारिश करने के लिए सरकार द्वारा स्थापित एक निकाय है। यह पहली बार जनवरी 1946 में गठित किया गया था और मई 1947 में श्रीनिवास वरदाचारी की अध्यक्षता में आयोग ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
आयोग को आमतौर पर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया जाता है। यह भारत सरकार के नागरिक और सैन्य डिवीजनों के वेतन ढांचे की समीक्षा करता है और सुझाव देता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
सिफारिशें मुद्रास्फीति सहित कई कारकों पर आधारित होती हैं। आयोग की रिपोर्ट में महंगाई भत्ता (डीए), फिटमेंट फैक्टर और मूल वेतन पर चर्चा की जाती है।


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