Latest news related to DA: सरकार हर छह माह पर सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते यानी डीए की घोषणा करती है। इससे केन्द्र सरकार के कर्मचारियों का वेतन बढ़ जाता है। वहीं कई राज्य सरकारें भी केन्द्र के डीए को मानती है। ऐसे में उन राज्यों में भी सरकारी कर्मचारियों का वेतन बढ़ जाता है।
ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को इंतजार है कि डीए की घोषणा जल्द से जल्द हो। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केन्द्र सरकार मार्च 2024 में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्श के लिए महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन हर महीने लेबर ब्यूरो की तरफ से लेटेस्ट कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर (सीपीआई-आईडब्लू) के आधार पर किया जाता है।

बताया जा रहा है कि डीए में बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वीकृत फॉर्मूले के मुताबिक होगी। अक्टूबर 2023 में कैबिनेट ने आखिरी बार सरकारी कर्मचारियों के लिए डीए और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। उस चार फीसदी बढ़ोतरी के साथ डीए 42 फीसदी से बढ़कर 46 फीसदी हो गया था। इस फैसले से 48.67 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशनर्श को फायदा हुआ था।
सरकार देश की महंगाई दर के आधार पर डीए बढ़ोतरी का फैसला लेती है। यदि महंगाई अधिक है, तो डीए और बढ़ाया जाएगा। डीए और डीआर बढ़ोतरी वित्तीय वर्ष के लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के 12 महीने के औसत में प्रतिशत वृद्धि से निर्धारित होती है।
इसके अलावा एनपीएस ट्रस्ट और पेंशन फंड से संबंधित प्रावधानों को सरल बनाने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने भी बदलावों की जानकारी दी है। ये संशोधन एनपीएस ट्रस्ट में नियुक्तियों और पीएफ डिस्क्लोजर से संबंधित हैं।
नए नियमों में ट्रस्टियों की नियुक्ति, उनके टर्म एंड कंडीशन, ट्रस्टी बोर्ड की बैठकें आयोजित करने और एनपीएस ट्रस्ट सीईओ की नियुक्ति से संबंधित हैं। इसमें कहा गया है कि ये संशोधन कंप्लायंस की लागत को कम करने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए नियमों की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय बजट 2023-24 की घोषणा के अनुरूप हैं।
PFRDA ने कहा कि नए नियम ट्रस्टियों की नियुक्ति, उनके टर्म एंड कंडीशन, ट्रस्टी बोर्ड की बैठकें आयोजित करने और एनपीएस ट्रस्ट सीईओ की नियुक्ति से संबंधित प्रावधानों को आसाान बनाता है। पेंशन फंड रेगुलेशन में संशोधन पर, पीएफआरडीए ने कहा कि संशोधन कंपनी एक्ट, 2013 के अनुरूप पेंशन फंड गवर्नेंस से संबंधित प्रावधानों को सरल बनाते हैं और पेंशन फंड द्वारा डिस्क्लोजर को बढ़ाते हैं।
क्या है नेशनल पेंशन स्कीम
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) रिटायरमेंट के लिए एक वॉलेंटरी और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान है। पहले, यह स्कीम केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को कवर करती थी, लेकिन अब यह स्वैच्छिक आधार पर सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। इसकी शुरुआत 1 जनवरी 2004 को सभी नागरिकों को रिटायरमेंट आय प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ की गई थी। एनपीएस का लक्ष्य पेंशन के सुधारों को स्थापित करना और नागरिकों में रिटायरमेंट के लिए बचत की आदत को बढ़ावा देना है।
स्कीम में भाग लेने के लिए एनपीएस अकाउंट खोलना होता है, रिटायरमेंट (60 वर्ष) के समय, कोई व्यक्ति एकमुश्त राशि के रूप में कुल राशि का 60 फीसदी तक निकाल सकता है। शेष 40 फीसदी एन्युटी प्लान में चला जाता है। अगर यह 5 लाख से कम या उसके बराबर है तो, ग्राहक एन्युटी प्लान खरीदे बिना पूरी राशि निकाल सकते हैं।


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