नयी दिल्ली। चीन के सेंट्रल ने प्रमुख भारतीय हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी में हिस्सेदारी खरीदी है। इस बात का खुलासा एचडीएफसी की तरफ से हाल ही में किये स्टॉक होल्डिंग पैटर्न में हुआ है। चीन के सेंट्रल बैंक ने एचडीएफसी में 1.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है। एचडीएफसी के सीईओ केकी मिस्त्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पहले पीपल्स बैंक ऑफ चाइना की एचडीएफसी में 0.8 फीसदी हिस्सेदारी थी। मगर अब हिस्सेदारी 1 फीसदी से अधिक हो जाने के कारण एचडीएफसी को इसका खुलासा करना पड़ा है। 1.1 फीसदी हिस्सेदारी का मतलब है कि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के पास एचडीएफसी के 1.75 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों को संभवत: जनवरी और मार्च के बीच खरीदा गया है। बता दें कि इसी दौरान शेयर बाजार में गिरावट के चलते एचडीएफसी के शेयर में भी भारी गिरावट आई है।

कई और विदेशी फंड्स के पास भी हैं शेयर
एचडीएफसी की सीईओ ने एक प्रमुख बिजनेस चैनल से कहा है कि चीन के बैंक का एचडीएफसी में हिस्सेदारी खरीदना कोई असामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक कई अन्य सोवरेन वेल्थ फंड्स की कंपनी में हिस्सेदारी है। केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने संबंधित देशों के सोवरेन वेल्थ फंड्स की ओर से शेयर खरीदना आम है। एचडीएफसी के शेयर एसएएमए, सऊदी अरब मोनेटरी ऑथोरिटी (सऊदी अरब का केंद्रीय बैंक) के पास भी हैं, जो उनके सोवरेन वेल्थ फंड्स की ओर से खरीदा गए हैं। ऐसे ही सिंगापुर सरकार सहित कई अन्य देशों के सोवरेन फंड्स के पास एचडीएफसी के शेयर हैं।
52 हफ्तों के शिखर से गिरा एचडीएफसी
14 जनवरी 2020 को एचडीएफसी का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 2,499.65 रुपये पर पहुंचा था। इस स्तर से अब ये 32 प्रतिशत गिर चुका है। इस अवधि के दौरान भारत का बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स 25 प्रतिशत, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 26 प्रतिशत नीचे आया है। एचडीएफसी का शेयर 10 अप्रैल को 1,701.95 रुपये पर बंद हुआ। वहीं फरवरी के पहले सप्ताह से एचडीएफसी के शेयर 41 प्रतिशत की गिरावट आई है।


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