नई दिल्ली, जनवरी 31। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2022 कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए चार-आयामी दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका जिक्र किया। आर्थिक सर्वे पर आगे उन्होंने कहा कि सरकार ने कमजोर क्षेत्रों के लिए शॉर्ट टर्म सपोर्ट और मध्य अवधि के लिए वित्तीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया है। पर साथ ही संरचनात्मक और अन्य सुधारों के अवसर को कभी नहीं जाने दिया।

सप्लाई साइड पर फोकस
सीईए नागेश्वरन ने कहा कि सर्वे संजीव सान्याल और उनके सलाहकारों की टीम द्वारा तैयार किया गया है। सर्वे का ओवरऑल सबजेक्ट मध्यम अवधि की राजकोषीय स्थिरता पर नजर रखते हुए अर्थव्यवस्था को शॉर्ट टर्म सपोर्ट देना है। सर्वे में सप्लाई साइड में सुधार के अवसर को भी जाने नहीं दिया गया। सीईए के अनुसार सुधारों पर भी काफी ध्यान दिया गया है।
कहां पहुंची इकोनॉमिक ग्रोथ
सीईए के अलावा पीईए (प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर) संजीव सान्याल ने मीडियो को ब्रीफ किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार अब महामारी से पहले के स्तर से भी ऊपर है। उन्होंने कहा कि भले ही दूसरी कोविड लहर की स्वास्थ्य लागत बहुत अधिक गंभीर रही, लेकिन इसकी आर्थिक लागत बहुत हल्की अधिक थी। बेरोजगारी दर धीरे-धीरे कम होकर 2020-21 की चौथी तिमाही में 9.3 प्रतिशत तक पहुंच गई। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के लिए बेरोजगारी दर महामारी के पहले के स्तर पर पहुंच गई।
दिल्ली-एनसीआर में स्टार्टअप
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ने भारत की सिलिकॉन वैली बेंगलुरु को स्टार्टअप के मामले में पछाड़ दिया। पीईए के अनुसार यहां दिल्ली-एनसीआर में देश में सबसे अधिक संख्या में नए स्टार्टअप तैयार बने हैं। सरकार ने अप्रैल 2019 और दिसंबर 2021 के बीच बेंगलुरु में 4,514 स्टार्टअप की तुलना में दिल्ली-एनसीआर में 5,000 से अधिक नए स्टार्टअप को मान्यता दी।
जीडीपी के लिए अनुमान
बजट से पहले आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किया। सर्वेक्षण में अगले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8-8.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया है। वहीं चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार बड़े स्तर पर वैक्सीन कवरेज, सप्लाई में सुधार और नियमों में ढील से लाभ, निर्यात में मजबूत वृद्धि और पूंजीगत खर्च को बढ़ाने जैसे फैक्टर्स से जीडीपी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।


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