नई दिल्ली, फरवरी 13। देश में अब तक का सबसे बड़ा बैंक फ्राड सामने आया है। सीबीआई ने इस मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन चेयरमैन व एमडी ऋषि कमलेश अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई ने चार्जशीट में बताया है कि स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्शियम को 22,842 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है।

जानिए किन किन के खिलाफ दर्ज हुआ है मुकदमा
सीबीआई के अनुसार तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, डायरेक्टर्स अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को भी एपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के कथित अपराध में नामित किया है।

काफी समय से था सीबीआई के पास यह मामला
बैंकों ने सबसे पहले 8 नवंबर, 2019 को अपनी शिकायत सीबीआई को दी थी। इस पर सीबीआई ने 12 मार्च, 2020 को कुछ स्पष्टीकरण मांगे। बैंक ने अगस्त 2020 को फिर से एक नई शिकायत सीबीआई को दी। तब से अब तक सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी। इसके बाद अब इस मामले पर केस दर्ज किया गया है। इस एफआईआर के अनुसाा कंपनी को एसबीआई के साथ 2468.51 करोड़ रुपये के एक्सपोजर के साथ 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन सुविधाएं मंजूर की गई थीं। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि 2012-17 के बीच, आरोपियों ने एक साथ मिलीभगत की और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया।
यह देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला बताया जा रहा
सीबीआई की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने के बाद इस मामले को देश का सबसे बड़ा बैंक घोटाला बताया जा रहा है। इस मामले में गड़बड़ करने वाली कंपनी एबीजी शिपयार्ड जहाज के निर्माण और मरम्मत का काम करती है। इसके शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित हैं।

जानिए किस बैंक का कितना पैसा इसमें फंसा
दर्ज हुई एफआईआर के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक के 7089 करोड़ रुपये, आईडीबीआई बैंक के 3634 करोड़ रुपये, एसबीआई के 2468 करोड़ रुपये, बैंक ऑफ बड़ौदा के 1614 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक के 1244 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक के 1228 करोड़ रुपये और एलआईसी के 136 करोड़ रुपये इस मामले में लगभग डूबे हुए हैं।


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