CBI Books Reliance Communications Fraud Case: बैंक से लोन को लेकर कथित धोखाधड़ी करने के मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और उसके प्रमोटर अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अब इस कड़ी में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने शनिवार (23 अगस्त) को रिलायंस कम्युनिकेशन के परिसरों में छापेमारी की है। इसके साथ ही सीबीआई ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेश के खिलाफ FIR दर्ज की है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को हुए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बाद शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ मामला दर्ज किया और कथित बैंक धोखाधड़ी के संबंध में उसके परिसरों की तलाशी ली।
बताया जा रहा है कि कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं और कुछ अधिकारियों से पूछताछ भी हो सकती है। इससे पहले ED भी इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी पर ₹2000 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोप है, जिसमें SBI ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी ने लोन का गलत इस्तेमाल किया और जानबूझकर भुगतान नहीं किया।
इससे पहले 24 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17,000 करोड़ रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में उनकी कंपनियों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद अनिल अंबानी दिल्ली स्थित ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश हुए थे।
ईडी ने हाल ही में 12-13 सार्वजनिक और प्राइवेट बैंकों को पत्र लिखकर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस को दिए गए लोन पर की गई उचित जांच-पड़ताल का विवरण मांगा था। जिन बैंकों से विवरण मांगा था उनमें भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक भी शामिल है।
शुरुआती जांच में ईडी को पता चला कि अंबानी की कंपनियों के लिए येस बैंक से लगभग 3,000 करोड़ रुपये के अवैध लोन ट्रांसफर (2017 से 2019 की अवधि) हुए हैं। पड़ताल में आगे ईडी के अधिकारियों को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े 14,000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन फ्रॉड के बारे में पता चला।
इस पूरे मामले में अनिल अंबानी की कंपनियों के कई अधिकारियों के यहां ईडी ने छापे मारे और 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की थी। इस मामले में ED ने हाल ही में पहली गिरफ्तारी भी की थी। ईडी ने बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ सारथी बिस्वाल को 1 अगस्त को PMLA एक्ट 2002 के तहत 68.2 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।


Click it and Unblock the Notifications