CBDT issues guidelines on tax exemptions on life insurance policies: इस साल बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीवन बीमा पॉलिसी पर टैक्स लगाने का फैसला किया था। लेकिन स्थिति साफ नहीं हो पा रही थी। लेकिन आज सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने एक सर्कुलर जारी कर स्थिति साफ कर दी है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने अपने सर्कुलर में बताया है कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 10 के क्लॉज (10D) के तहत नई गाइडलाइंस को नोटिफाई किया गया है। इस क्लॉज के तहत लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के अमाउंट पर इनकम टैक्स एग्जेम्प्शन का उल्लेख किया गया है।

16 अगस्त 2023 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार जीवन बीमा खरीदने पर टैक्स किस प्रकार से लगेगा यह साफ किया गया है। वहीं यह भी बताया गया है कि अगर जीवन बीमा पर टैक्स की पूरी छूट चाहिए तो वह कितनी तक प्रीमियम देना चाहिए।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के नए सर्कुलर के अनुसार एसेसमेंट ईयर 2024-25 से (चालू वित्तीय वर्ष से) यूनिट लिंक्ड बीमा प्लान को छोड़ कर अन्य लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मिले पैसों पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 10 के क्लॉज (10D) के तहत छूट नहीं मिलेगी। ऐसा तब होगा जब किसी भी साल में बीमा प्रीमियम की राशि 5 लाख रुपये से ऊपर निकल जाती है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के नए सर्कुलर में बताया गया है कि यह नियम 1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदी गईं बीमा पॉलसियों पर ही लागू होगा।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के नए सर्कुलर के अनुसार अगर एक से ज्यादा बीमा लिए जाते हैं, उनका प्रीमियम किसी भी साल के दौरान 5 लाख रुपये से ज्यादा हो जाता है तो टैक्स की छूट नहीं मिलेगी। हालांकि इसमें यूनिट लिंक्ड बीमा पॉलिसी का प्रीमियम नहीं जोड़ा जाएगा। यह नियम भी 1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदी गईं बीमा पॉलसियों पर ही लागू होगा।
हालांकि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के नए सर्कुलर में बताया गया है कि अगर बीमित व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो बीमा पॉलिसी से मिलने वाले पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) के नए सर्कुलर में एक नया क्लाज भी जोड़ा गया है। सीबीडीटी ने सेक्शन 56 के सब सेक्शन (2) में एक नया क्लाज (xiii) शामिल किया है। इसमें कहा गया है कि अगर लाइफ इश्योरेंस पॉलिसी से कोई अतिरिक्त पैसा मिलता है और उस पर इनकम टैक्स एक्ट के किसी भी प्रावधान के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती है, तो उस पैसे को अन्य स्रोत से आय मानते हुए टैक्स लगाया जाएगा।


Click it and Unblock the Notifications