नई दिल्ली जून, 24। इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर देश-विदेश की सभी ऑटोमोबाइल्स कंपनियां भारत को सबसे बड़े मार्केट के रुप में देख रही है, भारत के लोग ई-व्हिकल को लेकर उत्साहित भी है लेकिन हाल ही के दिनों में इलेक्ट्रिक टू व्हिलर वाहन में आग लगने की तमाम घटनाओं ने ई-व्हिकल को लेकर लोगों में डर का माहौल बना दिया है। अभी तक दोपहिया वाहनों में ही आग की घटनाएं सामने आई अब प्रमुख कार निर्माता टाटा के नेक्सॉन इलेक्ट्रिक कार में आग लगने की घटना सामने आई है।

टाटा मोटर्स की प्रतिक्रिया
टाटा मोटर्स ने गुरुवार को कहा कि वह मुंबई में नेक्सॉन इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने की घटना की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए टाटा मोटर्स ने एक बयान में कहा "ईलेक्ट्रिक कार में आग लगने की घटना के तथ्यों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच की जा रही है।" टाटा ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि हम पूरी जांच के बाद एक विस्तृत प्रतिक्रिया साझा करेंगे। टाटा अपने वाहनों और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।" टाटा ने कहा "4 वर्षों में टाटा के 30,000 से अधिक ईवी ने पूरे देश में 1 मिलियन किमी से अधिक की दूरी तय की है, लेकिन वाहन में आग लगने की यह पहली घटना है।"
दोपहिया ई-व्हीकल में भी है समस्या
ओला इलेक्ट्रिक, ओकिनावा ऑटोटेक और प्योरईवी जैसे इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं ने अपने वाहनों में आग लगने की घटनाओं के बाद अपने स्कूटरों को वापस बुला लिया था। ईलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं के बाद सरकार ने मामलों की जांच के लिए एक पैनल बनाया था। सरकार ने कंपनियों को लापरवाही बरतने पर दंड की चेतावनी दी थी।
क्या सावधानी है जरूरी
ईलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की सबसे बड़ी वजह है इनमें लगी बैटरी और उसके सेफ्टी से संबंधित सावधानियां। बैटरी को सुरक्षीत रखने के लिए हमें चार बातो का ध्यान रखना चाहिए
- बैटरी को नियमित रुप से चार्ज करते रहें.
-अगर वाहन उपयोग में नही है तो बैटरी को फुल चार्ज न करें.
-इवी की बैटरी को कभी भी डीप डिस्चार्ज न होनें दें.
-अत्यधिक तापमान और फास्ट चार्जर के प्रयोग से बचें


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