तेजी से बढ़ा नगदी का लेनदेन, जानिए आरबीआई के आंकड़े

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच देश में नकदी यानी कैश के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है। इस अनिश्चितता से लोगों का नकदी यानी कैश के प्रति रुझान बढ़ा है

नई द‍िल्‍ली: कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच देश में नकदी यानी कैश के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है। इस अनिश्चितता से लोगों का नकदी यानी कैश के प्रति रुझान बढ़ा है और कई परिवारों ने अपने घरों में भारी मात्रा में नकदी रखी है। इससे 2019-20 में करेंसी टु जीडीपी रेश्यो बढ़कर नोटबंदी के पहले के 12 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया। इस बात की जानकारी मंगलवार को आरबीआई ने 2019-20 की अपनी सालाना रिपोर्ट में दी है। फायदे की बात : ट्रांजेक्शन हो गया फेल तो बैंक देगा रोज का हर्जाना

Cash in circulation increased by 10 percent after lockdown

बता दें कि 20 मार्च के बाद से करेंसी इन सर्कुलेशन बढ़कर 26.9 लाख करोड़ हो गई। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से इसमें 10 फीसदी की तेजी आई है। 31 मार्च को 24.5 लाख करोड़ की करेंसी सर्कुलेशन में थी जो 14 अगस्त को बढ़कर 26.9 लाख करोड़ पहुंच गई। साथ ही पिछले दो सालों में सर्कुलेशन में 2000 रुपये के नोटों में तेज गिरावट आई है। लोगों के पास नकदी की मात्रा में पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 28 फरवरी को यह 11.3 फीसदी थी और मार्च के अंत में 14.5 फीसदी पहुंच गई। जून में यह आंकड़ा 21.3 फीसदी पहुंच गया। इस दौरान करेंसी टु बैंक डिपॉजिट रेश्यो भी 15.1 फीसदी से बढ़कर 16.1 फीसदी पहुंच गया।

इतना ही नहीं कोरोना संक्रमण के बाद से इक्विटी और म्यूचुअल फंड इनवेस्टमेंट में गिरावट से लोगों की फाइनेंशियल सेविंग्स भी प्रभावित हुई है। आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में कोरोना के मामले बढ़ने से लोगों ने भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए नकदी जमा करना शुरू कर दिया। पिछले महीने यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या 150 करोड़ पहुंच गई थी। दुनिया के कई देशों खासकर उभरती इकॉनमीज में इसी तरह का रुझान देखने को मिल रहा है। वहीं ब्राजील, चिली, भारत, रूस और तुर्की में करेंसी सर्कुलेशन में काफी तेजी आई है।

दो हजार नोटों की डिमांड हुई कम
भारतीय रिजर्व बैंक ने 2019-20 में 2,000 रुपये के नए नोटों की छपाई नहीं की। इस दौरान 2,000 के नोटों का प्रसार कम हुआ है। रिजर्व बैंक की 2019-20 की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च, 2018 के अंत तक चलन में मौजूद 2,000 के नोटों की संख्या 33,632 लाख थी, जो मार्च, 2019 के अंत तक घटकर 32,910 लाख पर आ गई। मार्च, 2020 के अंत तक चलन में मौजूद 2,000 के नोटों की संख्या और घटकर 27,398 लाख पर आ गई।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+