
Car Ownership in India : भारत में कार ओनरशिप को लेकर बड़ा दिलचस्प डेटा सामने आया है। इसमें खुलासा हुआ है कि किस राज्य में कितने परिवारों के पास कार है। इस डेटा से संबंधित एक मैप महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने शेयर किया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए मल्टी-राउंड सर्वे के बाद जो डेटा सामने आया है उसमें भारी असमानता दिखाई दी है। सर्वे बताता है कि भारत में 8 फीसदी से कम परिवारों के पास कार है। आगे जानिए कार ओनरशिप के मामले में कौन सा राज्य नंबर 1 पर है।
गोवा है नंबर 1
भारत में औसतन 7.5 प्रतिशत भारतीय परिवार ऐसे हैं जिनके पास कार है। यानी हर 12 में से केवल 1 परिवार। प्रति परिवार सबसे अधिक कार ओनपशिप दर्ज की गयी है गोवा में, जहां 45.2 प्रतिशत परिवारों के पास मोटर चालित चार पहिया वाहन है। यह डेटा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-2021) का है और आनंद महिंद्रा ने इसी डेटा को शेयर किया है।
जम्मू-कश्मीर से पिछड़ा गुजरात
हैरानी की बात यह है कि प्रति परिवार कार ओनरशिप के मामले में पीएम मोदी का गृहराज्य जम्मू-कश्मीर और उत्तर पूर्व के कई राज्यों से पिछड़ गया। जम्मू-कश्मीर (अविभाजित) में 23.7 फीसदी परिवारों के पास है और ये तीसरे नंबर पर है। दूसरे नंबर पर है 24.2 फीसदी के साथ केरल। जबकि गुजरात में 10.9 फीसदी परिवारों के पास कार है।
तीसरे नंबर पर रहा हिमाचल
22.1 फीसदी के साथ हिमाचल प्रदेश तीसरे और 21.9 फीसदी के साथ लिस्ट में पंजाब चौथे नंबर पर रहा। बात करें उत्तर-पूर्व के राज्यों की तो नागालैंड में 21.3 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश में 19.3 फीसदी, मणिपुर में 17 फीसदी, मिजोरम में 15.5 फीसदी और मेघालय में 12.9 फीसदी परिवार कार वाले हैं। असम में 8.1 फीसदी और त्रिपुरा में 4.6 फीसदी परिवारों के पास है कार।
यूपी-एमपी की हालत खस्ता
महाराष्ट्र में 8.7 फीसदी, यूपी में 5.5 फीसदी और एमपी में 5.3 फीसदी परिवार कार वाले हैं। हिमाचल के पड़ोसी उत्तराखंड में 12.7 फीसदी परिवारों के पास कार है। राजधानी दिल्ली भी काफी आगे है। यहां 19.4 फीसदी परिवार कार वाले हैं।
ये राज्य हैं सबसे पीछे
इस लिस्ट में सबसे पीछे रहे बिहार (2 फीसदी), ओडिशा (2.7 फीसदी) और 2.8-2.8 फीसदी के साथ पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश। बाकी राज्यों में कर्नाटक में 9.1 फीसदी, तमिलनाडु में 6.5 फीसदी, तेलंगाना में 6.5 फीसदी, झारखंड में 4.1 फीसदी, राजस्थान में 8.2 फीसदी, हरियाणा में 15.3 फीसदी और छत्तीसगढ़ में 4.3 फीसदी परिवारों के पास कार है। इस डेटा को दिलचस्प बताते हुए एक ट्विटर यूजर ने कहा कि केरल, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, सिक्किम, गोवा (45%), अरुणाचल प्रदेश और दिल्ली (19% से अधिक) में 20% से अधिक कार ओनरशिप है। जबकि भारत का कुल औसत 7.5% है। हो सकता है कि भारतीय कार की कीमत अधिक टैक्स फैक्टर के साथ ज्यादा हो। यानी इस यूजर का इशारा परचेजिंग पावर की ओर है। कुछ लोगों ने तर्क दिया कि प्रति परिवार कारों की कम संख्या वाले राज्यों में बेहतर ट्रांसपॉर्टेशन हो सकता है।


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