Car Loan Tips: भारत के लोगों में कुछ सपने बहुत आम और काफी ज्यादा आकांक्षा वाले होते हैं। इनमें से कर खरीदना भी लगभग हर युवा का सपना होता है। अगर आप मेहनत करके ऐसे पोजीशन पर पहुंच चुके हैं जहां से आप अपनी कर लेना चाहते हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप इन खास बातों का ध्यान रखकर कर खरीदेंगे तो आपको फंड की किसी भी दिक्कत का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा।
यहां आज हम आपको 20-4-12 नियम के बारे में बताने जा रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर इस तरीके से कर खरीदी जाए तो आपके ऊपर ज्यादा फाइनेंशियल बर्डन नहीं आता है।

अगर इस फार्मूले की बात की जाए तो उसमें अब फ्रंट अमाउंट देकर लोन उठाया जा सकता है। कर लेने से पहले आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
आज हम आपको जिस नियम के बारे में बताने जा रहे हैं इसके तहत आपको अपनी सैलरी के हिसाब से किस रेंज तक की कर लेनी चाहिए इसकी जानकारी भी मिल जाती है।
जाने क्या है यह अनोखा नियम
दरअसल 20-4-12 एक फार्मूला है जिसके तहत आप कर खरीद सकते हैं। इस फार्मूले से पता चलता है कि आपको कितने रुपए का और कितने समय तक के लिए कार्ड लोन लेना है। क्योंकि अगर आप ज्यादा लंबे समय तक का लोन लेते हैं तो ब्याज में आपके एक्स्ट्रा पैसे काफी ज्यादा खर्च हो जाते हैं। अगर आप किसी भी कर को अपलोड करना चाहते हैं तो आपको उसकी प्राइस रेंज के हिसाब से इन तीन जरूरत को पूरा करना होगा।
इस फार्मूले में सबसे पहला नंबर है 20, इसका मतलब है कि आपको कर खरीदते समय कम से कम 20 परसेंट या इससे ज्यादा का डाउन पेमेंट करना चाहिए। तो अगर आप 10 लाख की कर खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो कम से कम 2 लाख रुपए का डाउन पेमेंट तो आपको करना ही चाहिए।
इस फार्मूले में दूसरा नंबर आता है 4, यहां पर चार का मतलब गाड़ी खरीदने के लिए लिए गए लोन की अवधि से है। इसके तहत आपको लोन सिर्फ 4 साल के लिए उससे भी कम समय के लिए लेना चाहिए।
वही जो 1 महीने की ईएमआई बनती है उसकी कीमत आपकी सैलरी के 10 प्रतिशत से कम होनी चाहिए, अगर आप कर लेते समय इन सभी बातों का और अपने बजट का ध्यान रखते हैं तो आपको किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अगर आप बात खरीदने जा रहे हैं तो आपको ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करना चाहिए। ऐसा करने से आपको कम किस्तें देनी पड़ती हैं और आपका ब्याज भी कम लगता है।
अगर आपका बजट थोड़ा टाइट है और आपको बेहतर कर लेनी है तो आप पिछले साल के स्टॉक वाले कार को चुन सकते हैं जो की नई स्टॉक वाली कर के मुकाबले कम कीमत पर मिल जाती हैं।
इसके अलावा आप चाहे तो टॉप मॉडल के बजाय लिमिट या बेस मॉडल ले सकते हैं इससे भी पैसों की बचत होती है और धीरे-धीरे आप बेस मॉडल को अपग्रेड करवा कर उसमें सारी अतिरिक्त सुविधा हो सकते हैं।
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