नई दिल्ली। अगर आपने कर्ज लिया है और कोरोना कॉल में लोन मोरेटोरियम सुविधा का लाभ लिया है, तो आपके लिए खुशखबरी आने वाली है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केन्द्र सरकार ने एक एक्सपर्ट्स कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी लोन मोरेटोरियम के दौरान लोन पर ब्याज पर ब्याज की समस्या सहित अन्य बिन्दुओं पर सरकार को सलाह देगी। इसके बाद इस मामले पर फैसला किया जाएगा।
राजीव महर्षि बनाए गए हैं इसके चेयरमैन
लोन मोरेटोरियम से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक एक्सपर्ट कमेटी पूर्व सीएजी अध्यक्ष राजीव महर्षि की अध्यक्षता में गठित की है। इस कमेटी में आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व प्रोफेसर और आरबीआई मौद्रिक नीति समिति के पूर्व सदस्य डॉ. रविंद्र ढोलकिया के अलावा एसबीआई व आईडीबीआई बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक बी श्रीराम को शामिल किया गया है।
जानिए कमेटी का काम
लोन मोरेटोरियम पर गठित एक्सपर्ट कमेटी सुप्रीम कोर्ट में उठाए सवालों का अध्ययन करेगी और ब्याज पर ब्याज देने की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करेगी। कमेटी इसके अलावा मोरेटोरियम से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान पर भी काम करेगी। कमेटी वित्तीय दबाव कम करने के लिए भी सुझाव दे सकती है।
1 सप्ताह में रिपोर्ट देगी कमेटी
इस कमेटी को काम करने में एसबीआई सेक्रेटेरियल सपोर्ट उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा कमेटी अन्य बैंकों और शेयरहोल्डर्स से भी मदद ले सकती है। वित्त मंत्रालय ने बताया है कि कमेटी 1 सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट दे देगी।
जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
इससे पहले गुरुवार को लोन मोरेटोरियम मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले को बार-बार टाला जा रहा है। लेकिन इस बार यह मामला टाला नहीं जाएगा। सभी संबंधित पक्ष इस दौरान अपना जवाब दाखिल करें, जिससे यह मामला पूरी तरह से निपटाया जा सके। ऐसे में उम्मीद है कि 28 सितंबर 2020 की सुनवाई में यह मामला हल हो जाएगा।


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