नई दिल्ली, सितंबर 7। यूके स्थित केयर्न एनर्जी पीएलसी ने कहा है कि वह पूर्वव्यापी कर कानून (रेट्रोस्केपक्टिव टैक्स डिमांड) को खत्म करने के नतीजे में 1 अरब डॉलर का रिफंड मिलने के कुछ दिनों के भीतर फ्रांस से लेकर अमेरिका तक के देशों में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने के लिए किए गए मुकदमों को वापस ले लेगी। बता दें कि पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश किया था, जो 28 मई 2012 से पहले भारतीय संपत्ति के इंडायरेक्ट ट्रांसफर पर की गई विवादास्पद टैक्स डिमांड को खत्म करेगा। केयर्न, जिसने भारत में देश की सबसे बड़ी ऑनलैंड तेल डिस्कवरी की थी, ने 2012 की इस नीति को रद्द करने के लिए पिछले महीने पारित कानून को "साहसिक" करार दिया।

सभी केस वापस लेगी केयर्न
एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार केयर्न के सीईओ सिमन थॉमसन ने कहा है कि पूर्वव्यापी कर मांग को लागू करने के लिए जब्त किए गए पैसे को वापस करने की पेशकश हमें स्वीकार्य है और हम भारत के खिलाफ सभी केस वापस ले लेंगे। केयर्न पेरिस में राजनयिक अपार्टमेंट और अमेरिका में एयर इंडिया के हवाई जहाजों को जब्त करने के मामलों को रिफंड के बाद वापस ले लेगी।
कंपनी के शेयरहोल्डर माने
केयर्न के कुछ मुख्य शेयरधारक, जिनमें ब्लैकरॉक और फ्रैंकलिन टेम्पलटन शामिल हैं, इस प्रस्ताव से सहमत हैं। कंपनी की योजना को इसके मुख्य शेयरधारकों द्वारा सपोर्ट किया गया है। थॉमसन के मुताबिक इसे स्वीकार करना और आगे बढ़ना और व्यावहारिक होना बेहतर है। पिछले महीने भारत सरकार ने जो बिल पास किया था, उसका सीधा असर केयर्न एनर्जी पीएलसी और वोडाफोन ग्रुप के साथ लंबे समय से चल रहे टैक्स विवाद पर पड़ने की उम्मीद लगाई गई थी।
बातचीत का सकारात्मक नतीजा निकला
थॉमसन ने कहा कि केयर्न के पास रेट्रो टैक्स मुद्दे का समाधान खोजने के लिए भारत सरकार के साथ अच्छी और पारदर्शी बातचीत रही। उनके अनुसार हमारा उद्देश्य एक संकल्प प्राप्त करना था। कुछ ऐसा जो हमारे शेयरधारकों को स्वीकार्य हो।


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