नई दिल्ली, जुलाई 8। केयर्न एनर्जी और भारत सरकार के बीच टैक्स विवाद बढ़ता जा रहा है। स्कॉटिश ऊर्जा दिग्गज कंपनी केयर्न एनर्जी ने पेरिस में भारत सरकार के स्वामित्व वाली संपत्तियों को जब्त कर लिया है। एक फ्रांसीसी अदालत ने केयर्न को संपत्ति जब्त करने की मंजूरी दे दी थी। इधर पेरिस में केयर्न एनर्जी द्वारा भारतीय संपत्ति की जब्ती को मंजूरी देने वाले फ्रांसीसी अदालत के आदेश के संबंध में कोई जानकारी न मिलने पर भारत अपने वकील के परामर्श से उचित कानूनी उपाय करेगा। एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने केयर्न और भारत सरकार के बीच विवाद में केयर्न के पक्ष में फैसला सुनाया था। साथ ही भारत सरकार को केयर्न को 1.7 अरब डॉलर का भुगतान करने के लिए कहा गया था। इसके बाद केयर्न और भारत सरकार कई महीनों से आमने-सामने हैं। तीन सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने पिछले साल सर्वसम्मति से केयर्न पर टैक्स की वसूली को रद्द कर दिया था।

रिफंड का आदेश
मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने भारत सरकार को बेचे गए शेयरों की वैल्यू और प्राप्त किया गया लाभांश लौटाने को भी कहा गया था। साथ ही वो टैक्स रिफंड्स लौटाने को भी कहा गया जो टैक्स एनफोर्स करने के लिए रोके गए। केयर्न एनर्जी द्वारा पेरिस में भारत सरकार के स्वामित्व वाली संपत्तियों को जब्त करने का दावा फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में किया गया है। केयर्न एनर्जी 20 करोड़ यूरो से अधिक मूल्य की 20 संपत्तियों की ओनरशिप ट्रांसफर करेगी।
फ्रांस की अदालत ने दी मंजूरी
रिपोर्ट के अनुसार एक फ्रांसीसी अदालत ने केयर्न को संपत्ति जब्त करने की मंजूरी दे दी थी। हालांकि रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से इस दावे का खंडन किया गया है। ऐसी खबरें आई हैं कि केयर्न एनर्जी ने पेरिस में भारत सरकार की सरकारी संपत्ति को जब्त कर लिया है। हालाँकि, भारत सरकार को इस संबंध में किसी भी फ्रांसीसी न्यायालय से कोई नोटिस या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
क्या था केयर्न एनर्जी का प्लान
केयर्न एनर्जी ने पहले कहा था कि उसने ब्याज और जुर्माने सहित मध्यस्थता राशि हासिल करने के लिए जब्त करने के लिए विदेशों में भारत की 70 अरब डॉलर संपत्ति की पहचान की है। केयर्न एनर्जी द्वारा आइडेंटिफाई की गई संपत्तियों में एयर इंडिया के विमानों से लेकर शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से संबंधित जहाज तक हैं।


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