Cabinet meeting: कल यानी 11 सितंबर को कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) हुई थी. इस मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए गए है. इन फैसलों में से सबसे बड़ा फैसला बुजर्ग लोगों के लिए लिया गया है. कैबिनेट मीटिंग में यह ऐलान किया गया कि अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाया जाएगा. इसके अलावा हाइड्रोइलेक्ट्रिक, ई-ड्राइव, मिशन मौसम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. चलिए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं.

70 वर्ष से अधिक उम्र के लिए आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान कार्ड के जरिए जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवा दी जाती है. इस कार्ड के तहत इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है. सरकार ने अपनी कैबिनेट मीटिंग में यह ऐलान किया है कि देश के 6 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड का फायदा दिया जाए. इन 6 करोड़ लोगों में 70 साल से ज्यादा उम्र के लोग शामिल है.
सरकार आयुष्मान कार्ड की सुविधा बुजुर्गो के लिए भी शुरू करेगा. ताकि उन्हें इलाज में किसी भी तरह की वित्तीय परेशानी ना हो. सभी बुजुर्गो को नया आयुष्मान कार्ड मुहैया कराया जाएगा.
पीएम ई-ड्राइव को लेकर फैसला
कैबिनिट मीटिंग ने इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रोत्साहन देने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले का उद्देश्य है कि लोग ज्यादा से ज्यादा ई-व्हीकल इस्तेमाल करें.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में ई-ड्राइव योजना (E-Drive Yojana) को मंजूरी दी है. इस योजना के लिए सरकार ने 10,900 करोड़ रुपये आवंटित किए है.
पीएम ई-ड्राइव योजना (PM E-Drive Yojana) के तहत ई-टूव्हीलर, ई-थ्रीव्हीलर, ई-एंबुलेंस, ई-ट्रक और कई तरह के इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्रोत्साहन किया जाएगा.
हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट
आयुष्मान कार्ड और पीएम ई-ड्राइव के अलावा कैबिनेट मीटिंग में हाइड्रोइलेक्ट्रिक (Hydroelectrical project) को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. कैबिनिट मीटिंग में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए सरकार ने 12461 करोड़ रुपये आवंटित किए है. इस प्रोजेक्ट को साल वित्त वर्ष 2024-24 से वित्त वर्ष 2031 से 32 तक लागू किया जा सकता है.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
कैबिनिट मीटिंग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(Pradhan Mantri Sadak Yojana) को मंजूरी दी गई है. पीएमजीएसवाई (PMGSY)- 4 के लिए 70,125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस योजना के तहत 62,500 किलोमीटर रोड बनाई जाएगी. इसके अलावा रोड कनेक्टिविटी के लिए 25,000 ब्रीज बनाने की योजना बनाई जा रही है.
मिशन मौसम
बधुवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में मिशन मौसम (Mission Mausam) को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. इस मिशन के लिए सरकार ने 2000 करोड़ रुपये आवंंटित किए है. ये मिशन दो साल तक चलेगा. इस मिशन को भू-विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Science), आईएमडी(india meteorological department) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (Indian institute of tropical metrology) द्वारा संचालित किया जाएगा.
मिशन मौसम का उद्देश्य होगा कि ज्यादा से ज्यादा आकलन कर क्लाइमेंट और वैदर के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे पाएं.


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