नई दिल्ली, जुलाई 13। अगर आप शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं तो आपके लिए बहुत अच्छी खबर है। दरअसल निवेश का एक बड़ा मौका आने वाला है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी का आईपीओ बहुत जल्द आ सकता है। इस मामले में एक नयी खबर सामने आई है। एलआईसी के आईपीओ को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने हरी झंडी दिखा दी है। ये एलआईसी के आईपीओ की दिशा में एक और कदम है। एलआईसी का आईपीओ महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार को कोविड-19 से निपटने के लिए अपने तेजी से बढ़े हुए खर्च को पूरा करने के लिए संसाधनों और राजस्व की आवश्यकता है।
कब तक आ सकता है एलआईसी का आईपीओ
केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में एलआईसी का मेगा आईपीओ लाने की योजना बना रही है। एक अनुमान के अनुसार चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही यानी अगले कैलेंडर वर्ष 2022 की जनवरी-मार्च तिमाही में एलआईसी का आईपीओ आ सकता है। मंत्रियों का एक समूह अब आईपीओ के समय और कितनी हिस्सेदारी बेची जानी है, इस पर फैसला लेगा। वित्त मंत्रालय अब इस ऑफर के लिए मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति कर सकता है।
किसे मिली है जिम्मेदारी
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एलआईसी की एम्बेडेड वैल्यू का आकलन करने के लिए मिलिमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया को पहले ही नियुक्त कर दिया है। डेलॉइट और एसबीआई कैप्स को प्री-आईपीओ ट्रांजेक्शन सलाहकार नियुक्त किया गया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का टार्गेट रखा है।
ये है सरकार का पूरा प्लान
सरकार ने कहा है कि वह पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए एलआईसी में अपनी अधिकांश हिस्सेदारी और मैनेजमेंट कंट्रोल बरकरार रखेगी। आईपीओ इश्यू साइज का 10 फीसदी तक एलआईसी पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित होगा। इस बात की जानकारी सरकार की तरफ से राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी गयी थी। वित्त वर्ष 2019-20 में जनरेट हुए सरप्लस 53,954 करोड़ रुपये था, जिसमें से 51,257 करोड़ रुपये पॉलिसीधारकों को दिए गए थे।
बढ़ाई गयी अधिकृत शेयर कैपिटल
आईपीओ की तैयारी में एलआईसी की अधिकृत शेयर पूंजी को बढ़ाकर 25,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा सरकार ने प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत लिस्टिंग के समय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक मार्केट कैपिटल वाली कंपनियों को पहले के 10% की लिमिट के मुकाबले अपने शेयरों का केवल 5% बेचने की अनुमति देता है।
ऐसे करें निवेश
डीमैट खाते के बिना कोई भी निवेशक आईपीओ के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। आपके पास डीमैट खाता होना जरूरी है। डीमैट खाते में निवेशकों शेयर और बाकी सिक्योरिटीज इलेक्ट्रॉनिक तौर पर रख सकते हैं। आप अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड, एडरेस और आईडी प्रूफ से डीमैट खाता खोल सकते हैं। कोई निवेशक अपने बैंक खाते या ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से आईपीओ के लिए आवेदन कर सकता है। कुछ वित्तीय कंपनियां एक ही साथ डीमैट, ट्रेडिंग और बैंक खाता प्रोवाइड करते हैं।
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